CG News:-छत्तीसगढ़ में 12 हजार मनरेगा कर्मचारियों का अल्टीमेटम! 2 जुलाई से ठप पड़ सकते हैं कामकाज, HR पॉलिसी और सेवा सुरक्षा को लेकर बड़ा आंदोलन

CG News:-छत्तीसगढ़ में मनरेगा कर्मचारियों का असंतोष अब आंदोलन का रूप लेने जा रहा है। HR पॉलिसी, सेवा सुरक्षा, नियमितीकरण और ग्रेड पे जैसी वर्षों पुरानी मांगों को लेकर प्रदेश के करीब 12 हजार मनरेगा कर्मचारियों ने सरकार को अल्टीमेटम दे दिया है। छत्तीसगढ़ मनरेगा कर्मचारी महासंघ ने घोषणा की है कि यदि 1 जुलाई 2026 तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो 2 जुलाई से प्रदेशभर में चरणबद्ध हड़ताल शुरू कर दी जाएगी।
CG News:-तीन चरणों में होगा आंदोलन
महासंघ की प्रदेश स्तरीय वर्चुअल बैठक में आंदोलन की रणनीति तय की गई। इसके तहत 2 जुलाई को ब्लॉक स्तर पर धरना-प्रदर्शन, 3 जुलाई को जिला मुख्यालयों में रैली और विरोध प्रदर्शन तथा 4 जुलाई को राज्यव्यापी हड़ताल आयोजित की जाएगी।
कर्मचारी संगठन का कहना है कि पिछले ढाई वर्षों से HR पॉलिसी की फाइल शासन स्तर पर लंबित है। इसके लिए गठित समिति को कम समय में रिपोर्ट सौंपनी थी, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया है। कर्मचारियों का आरोप है कि कई बार ज्ञापन सौंपने के बावजूद उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया।

CG News:-20 साल सेवा, फिर भी नहीं मिली सुरक्षा
महासंघ के पदाधिकारियों का कहना है कि मनरेगा कर्मचारी पिछले लगभग दो दशकों से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार गारंटी योजना के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसके बावजूद आज तक उनके लिए स्पष्ट सेवा सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा और कैरियर प्रगति की व्यवस्था नहीं की गई है।
CG News:-VB-G RAM G योजना को लेकर भी बढ़ी चिंता
बैठक में केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित “विकसित भारत-जी राम जी (VB-G RAM G)” योजना को लेकर भी चर्चा हुई। कर्मचारियों का कहना है कि यदि नई योजना लागू की जाती है तो उसके साथ उनकी सेवा शर्तों और HR पॉलिसी को भी स्पष्ट किया जाए, ताकि कर्मचारियों के भविष्य को लेकर कोई असमंजस न रहे।

कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
- नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू की जाए
- HR पॉलिसी लागू कर 62 वर्ष तक सेवा सुरक्षा दी जाए
- स्पष्ट स्थानांतरण एवं निलंबन नीति बनाई जाए
- अनुकंपा नियुक्ति का प्रावधान लागू किया जाए
- सेवा पुस्तिका संधारित की जाए
- वार्षिक वेतन वृद्धि सुनिश्चित की जाए
- चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं
- ग्राम रोजगार सहायकों का संविदाकरण एवं ग्रेड पे निर्धारण किया जाए
सरकार की परीक्षा, कर्मचारियों की चेतावनी
महासंघ ने स्पष्ट किया है कि यदि तय समयसीमा तक मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। ऐसे में अब प्रदेश की नजरें 1 जुलाई पर टिकी हैं, जब सरकार कर्मचारियों की मांगों पर कोई फैसला ले सकती है। यदि समाधान नहीं निकला तो ग्रामीण विकास और मनरेगा से जुड़े कई कार्य प्रभावित होने की आशंका है।
