CG News:-पहली ही बारिश में 26 करोड़ का ओवरब्रिज दरका! उद्घाटन के कुछ हफ्तों बाद ही उठे निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल

CG News:-छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में करोड़ों रुपये की लागत से बना रेलवे ओवरब्रिज पहली ही बारिश में सवालों के घेरे में आ गया है। ग्राम बरगा के पास दक्षिण पूर्व रेलवे द्वारा लगभग 26 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित ओवरब्रिज में उद्घाटन के कुछ ही सप्ताह बाद बड़ी दरारें दिखाई देने लगी हैं। इस घटना ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों का दावा है कि पुल के बीच वाले हिस्से में स्पष्ट दरारें नजर आ रही हैं और ऐसा प्रतीत होता है मानो ओवरब्रिज दो हिस्सों में बंट रहा हो। इससे रोजाना इस मार्ग से गुजरने वाले सैकड़ों ग्रामीणों में डर और चिंता का माहौल है।
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CG News:-ग्रामीणों ने जताई हादसे की आशंका
यह ओवरब्रिज आसपास के कई गांवों के लोगों के लिए प्रमुख आवागमन मार्ग है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते तकनीकी जांच और मरम्मत नहीं हुई तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि—
- ओवरब्रिज की तत्काल स्वतंत्र तकनीकी जांच कराई जाए।
- निर्माण एजेंसी की जवाबदेही तय की जाए।
- यदि निर्माण में लापरवाही या गुणवत्ता में कमी पाई जाती है तो दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो।
- पुल की मरम्मत जल्द से जल्द कर आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
CG News:-आलीवारा रेलवे ओवरब्रिज की स्थिति भी चिंताजनक
सूत्रों के मुताबिक क्षेत्र के आलीवारा रेलवे ओवरब्रिज में भी शुरुआती समस्याएं सामने आई हैं। कुछ स्थानों पर सड़क के नीचे गड्ढे बनने लगे हैं और किनारों का हिस्सा बैठने की शिकायत मिली है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि पहली ही बारिश में यह स्थिति है तो आने वाले वर्षों में पुलों की मजबूती को लेकर गंभीर चिंता पैदा होना स्वाभाविक है।
CG News:-रेलवे इंजीनियर बोले—’घबराने की जरूरत नहीं’
मामले पर रेलवे इंजीनियर का कहना है कि दरारों के कारणों की तकनीकी जांच कराई जाएगी। उनके अनुसार पहली बारिश के दौरान कुछ स्थानों पर माइनर सेटलमेंट (Minor Settlement) होना सामान्य प्रक्रिया हो सकती है और फिलहाल किसी बड़े खतरे जैसी स्थिति नहीं है।
उन्होंने बताया कि विशेषज्ञों की तकनीकी टीम और वरिष्ठ अधिकारी पूरे मामले की जांच करेंगे। वहीं प्रभावित हिस्सों में मरम्मत कार्य भी शुरू कर दिया गया है।
CG News:-अब उठ रहे हैं बड़े सवाल
- क्या करोड़ों रुपये की परियोजना गुणवत्ता मानकों के अनुरूप बनाई गई?
- उद्घाटन के कुछ ही सप्ताह बाद दरारें क्यों दिखाई देने लगीं?
- क्या निर्माण के दौरान गुणवत्ता नियंत्रण में लापरवाही हुई?
- जांच के बाद क्या दोषी एजेंसियों पर कार्रवाई होगी?
अब सभी की नजर रेलवे की तकनीकी जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे स्पष्ट होगा कि यह सामान्य सेटलमेंट है या निर्माण गुणवत्ता में किसी प्रकार की गंभीर कमी।
