छत्तीसगढ़

CG News:-छत का प्लास्टर गिरा, युवक घायल: धमतरी के अटल आवास में फिर मंडराया हादसे का खतरा, जर्जर मकानों में रह रहे सैकड़ों लोग

CG News:-धमतरी। शहर के विवेकानंद नगर वार्ड स्थित अटल आवास में रविवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब करीब 20 साल पुराने मकान की छत का प्लास्टर अचानक भरभराकर नीचे गिर गया। हादसे में एक युवक इसकी चपेट में आ गया और उसके पैर में चोट आई। घायल युवक का उपचार कराया गया। गनीमत रही कि हादसे के वक्त परिवार के दूसरे सदस्य प्लास्टर की चपेट में नहीं आए।

CG News:-अचानक भरभराकर गिरा छत का प्लास्टर

जानकारी के मुताबिक, परिवार के लोग मकान में मौजूद थे। इसी दौरान छत का एक हिस्सा अचानक नीचे आ गिरा। प्लास्टर गिरने की आवाज से घर में हड़कंप मच गया। मलबे की चपेट में आने से युवक के पैर में चोट लगी।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अटल आवास के कई मकानों में लंबे समय से जर्जरता की समस्या बनी हुई है। दीवारों में दरारें आने के साथ ही कई जगह छत का प्लास्टर भी कमजोर होकर गिर रहा है।

CG News:-करीब 100 परिवारों के सामने सुरक्षा का सवाल

रहवासियों के अनुसार, विवेकानंद नगर स्थित इस अटल आवास में करीब 100 परिवार रहते हैं, जिनकी आबादी 300 से अधिक बताई जा रही है। लोगों का कहना है कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उनके लिए दूसरा मकान लेकर किराए पर रहना आसान नहीं है।

धमतरी के अटल आवासों की जर्जर स्थिति को लेकर पहले भी शिकायतें और रिपोर्टें सामने आती रही हैं। 2025 में प्रकाशित रिपोर्टों में विवेकानंद नगर गली नंबर-3 समेत शहर के कई अटल आवास क्षेत्रों की हालत खराब होने और इन कॉलोनियों में 500 से अधिक परिवारों के रहने की जानकारी सामने आई थी।

CG News:-शिकायतों के बाद भी समाधान का इंतजार

रहवासियों का आरोप है कि जर्जर भवनों की समस्या को लेकर नगर निगम को कई बार शिकायत की जा चुकी है। इसके बावजूद स्थायी समाधान नहीं हुआ। लोगों का कहना है कि जब तक मकानों की मरम्मत या पुनर्निर्माण नहीं होता, तब तक हर दिन उनके लिए खतरे के बीच गुजर रहा है।

वहीं, अटल आवासों के रखरखाव से जुड़ी सरकारी गतिविधियां भी सामने आई हैं। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल ने 2026 में धमतरी जिले की अटल आवास योजना कन्हारपुरी समेत विभिन्न कॉलोनियों के रखरखाव कार्य के लिए निविदा जारी की थी। हालांकि, इससे विवेकानंद नगर के इन मकानों की मौजूदा समस्या का समाधान हुआ है या नहीं, इसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध स्रोतों से नहीं हो सकी है।

CG News:-रहवासी और पार्षद के दावों में अंतर

हादसे के बाद स्थानीय रहवासियों और वार्ड पार्षद के कथित बयानों को लेकर भी चर्चा है। रहवासियों का कहना है कि उन्हें सुरक्षित वैकल्पिक आवास उपलब्ध नहीं कराया गया है, इसलिए वे जर्जर मकानों को छोड़ने की स्थिति में नहीं हैं।

दूसरी ओर, पार्षद की ओर से कथित तौर पर यह कहा गया है कि कुछ रहवासी मकान खाली करने के लिए तैयार नहीं हैं, जिसके कारण आगे की कार्रवाई में परेशानी आ रही है।

ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि अगर भवन असुरक्षित हैं, तो वहां रहने वाले परिवारों की सुरक्षा के लिए तत्काल क्या व्यवस्था की जा रही है?

CG News:-बड़ा हादसा होने से पहले कार्रवाई की जरूरत

छत का प्लास्टर गिरने की घटना ने एक बार फिर जर्जर अटल आवासों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आज एक युवक घायल हुआ है, लेकिन अगर यही मलबा किसी बच्चे, बुजुर्ग या परिवार के कई सदस्यों पर गिर जाए तो स्थिति गंभीर हो सकती है।

अब जरूरत इस बात की है कि नगर निगम और संबंधित विभाग मौके का तकनीकी निरीक्षण कर भवनों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करें और यदि मकान असुरक्षित हैं तो रहवासियों के लिए सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

क्योंकि सवाल सिर्फ एक छत के प्लास्टर का नहीं, बल्कि उन परिवारों की सुरक्षा का है जो हर दिन इसी छत के नीचे अपनी जिंदगी गुजार रहे हैं।

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