बिलासपुर

Chhattisgarh High Court:-11 से 14 हुई जजों की संख्या, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट को मिले तीन नए जज; महापात्र ने दिलाई शपथ

Chhattisgarh High Court:-बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट को गुरुवार को तीन नए न्यायाधीश मिल गए। जस्टिस संतोष शर्मा, जस्टिस सुषमा सावंत और जस्टिस सुधीर कुमार ने 10 सितंबर 2026 को पद की शपथ ली। हाईकोर्ट की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक शपथ ग्रहण समारोह सुबह 10 बजे चीफ जस्टिस की कोर्ट में आयोजित किया गया, जहां मुख्य न्यायाधीश जस्टिस कृष्ण राम महापात्र ने तीनों को शपथ दिलाई।

तीनों न्यायाधीशों की नियुक्ति का आदेश 8 सितंबर को केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्रालय की ओर से जारी किया गया था। राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 217(1) के तहत इन तीनों न्यायिक अधिकारियों को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया। उनकी नियुक्ति सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की 18 अगस्त 2026 की सिफारिश के बाद हुई।

Chhattisgarh High Court:-कौन हैं तीनों नए जज?

जस्टिस संतोष शर्मा इससे पहले कोरबा के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत थे। हाईकोर्ट के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार उन्होंने 19 मार्च 2009 को न्यायिक सेवा में नियुक्ति पाई थी। इससे पहले वे हाईकोर्ट में रजिस्ट्रार (S&A) और रजिस्ट्रार (विजिलेंस) समेत कई महत्वपूर्ण पदों पर भी रह चुके हैं।

जस्टिस सुषमा सावंत इससे पहले छत्तीसगढ़ सरकार के विधि एवं विधायी कार्य विभाग में प्रधान सचिव के पद पर थीं। उन्होंने 15 अप्रैल 1994 को न्यायिक सेवा ज्वाइन की थी। वे जिला एवं सत्र न्यायाधीश, फैमिली कोर्ट की प्रधान न्यायाधीश और छत्तीसगढ़ स्टेट ज्यूडिशियल एकेडमी की निदेशक जैसे पदों पर भी काम कर चुकी हैं।

जस्टिस सुधीर कुमार शपथ से पहले रायपुर फैमिली कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश थे। आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार उन्होंने 13 मार्च 2009 को न्यायिक सेवा में प्रवेश किया था। वे जिला एवं सत्र न्यायाधीश, हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार (विजिलेंस), रजिस्ट्रार जनरल और छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग में लीगल एडवाइजर जैसे पदों पर भी कार्य कर चुके हैं।

तीनों के हाईकोर्ट जज बनने के साथ ही छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की कार्यरत संख्या 11 से बढ़कर 14 हो गई है। हाईकोर्ट की स्वीकृत न्यायाधीश क्षमता 22 है।

नए न्यायाधीशों के शपथ ग्रहण से हाईकोर्ट की बेंच को मजबूती मिलने की उम्मीद है। तीनों न्यायाधीशों के पास जिला न्यायपालिका और प्रशासनिक स्तर पर लंबे न्यायिक अनुभव का रिकॉर्ड है।

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