CG News:-गड्ढों ने रोकी मंत्री की राह! जर्जर सड़क देख भड़के नेता जी, कलेक्टर को मौके से लगाया फोन

CG News:-बलरामपुर। बारिश के बीच बलरामपुर जिले की बदहाल सड़कों को लेकर अब जिम्मेदार विभागों पर सवाल उठने लगे हैं। प्रतापपुर-डवरा-सेमरसोत मार्ग की जर्जर हालत देखकर कृषि विकास एवं कल्याण मंत्री रामविचार नेताम ने नाराजगी जताई। उन्होंने मौके से ही कलेक्टर को फोन कर सड़क की स्थिति से अवगत कराया और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।
दरअसल, 5 सितंबर को बलरामपुर जिला मुख्यालय के ऑडिटोरियम भवन में जिला स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित किया गया था, जिसमें मंत्री रामविचार नेताम मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। समारोह में जिले के 21 उत्कृष्ट शिक्षकों को ज्ञानदीप और शिक्षादूत पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
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CG News:-बारिश में सड़क बनी मुसीबत
प्रतापपुर-डवरा-सेमरसोत मार्ग की खराब हालत बारिश के दौरान और ज्यादा परेशानी का कारण बन रही है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे होने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। बारिश का पानी गड्ढों में भरने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना भी मुश्किल हो जाता है, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।
स्थानीय लोगों के लिए यह मार्ग महत्वपूर्ण है और लगातार बारिश के दौरान इसकी खराब स्थिति ने आवागमन को मुश्किल बना दिया है। खासकर रात के समय पानी से भरे गड्ढे वाहन चालकों के लिए बड़ी चुनौती बन सकते हैं।
CG News:-मंत्री ने मौके से कलेक्टर को दिए निर्देश
सड़क की स्थिति देखकर मंत्री रामविचार नेताम ने नाराजगी जताई और मौके से ही कलेक्टर को फोन किया। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही सड़क की स्थिति सुधारने की दिशा में तत्काल कदम उठाने को कहा गया।

गौरतलब है कि सड़क और कनेक्टिविटी से जुड़े मुद्दे बलरामपुर जिले में पहले भी सामने आते रहे हैं। अगस्त 2026 में मंत्री नेताम ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर बलरामपुर और रामानुजगंज के लिए एनएच-343 पर बायपास की मांग रखी थी। इस दौरान एनएच-343 को छत्तीसगढ़ और झारखंड को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण अंतरराज्यीय मार्ग बताया गया था।
CG News:-सड़क की गुणवत्ता पर भी उठ रहे सवाल
बारिश में सड़क के तेजी से खराब होने को लेकर स्थानीय स्तर पर सड़क निर्माण और मरम्मत की गुणवत्ता पर सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि, किस अधिकारी या ठेकेदार की लापरवाही सामने आई है और पूर्व में हुए मरम्मत कार्य की गुणवत्ता में कोई आधिकारिक गड़बड़ी पाई गई है या नहीं, इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी उपलब्ध नहीं है।
ऐसे में मंत्री के निर्देश के बाद अब प्रशासनिक जांच और कार्रवाई पर नजर रहेगी। यदि सड़क निर्माण या मरम्मत में लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जा सकती है।
