Chhattisgarh News:-कलेक्टर साहब, पानी ज़हर बन गया है! एक वार्ड में 8 मौतें, TDS पर प्रशासन और ग्रामीण आमने-सामने

Chhattisgarh News:-गरियाबंद जिले के देवभोग ब्लॉक में पेयजल की गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अब तक सुपेबेड़ा गांव में किडनी रोग की चर्चा होती रही, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि ब्लॉक मुख्यालय का वार्ड क्रमांक-3 भी वर्षों से दूषित पानी की समस्या झेल रहा है।
ग्रामीणों का दावा है कि पिछले छह वर्षों में इस वार्ड में 15 से अधिक लोगों की मौत किडनी संबंधी बीमारी से हुई, जिनमें से 8 मौतें अकेले वार्ड-3 में दर्ज हुई हैं। लोगों का आरोप है कि कई निजी बोरवेल और सार्वजनिक जल स्रोतों में TDS का स्तर 800 से 1200 mg/L तक पहुंच चुका है, जिससे किडनी रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

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Chhattisgarh News:-ग्रामीणों का आरोप: सुरक्षित पानी के लिए 600 मीटर दूर जाना पड़ता है
वार्ड निवासी भजन ठाकुर ने बताया कि माता-पिता की किडनी बीमारी से मौत के बाद उनका परिवार अब घर के आसपास का पानी पीने से बचता है। पीने का पानी वे लगभग 600 मीटर दूर स्थित एक जल स्रोत से लाते हैं, क्योंकि वहां का पानी अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जाता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि वार्ड में लगा सोलर आधारित पेयजल पंप कई महीनों से बंद है। समाधान शिविर में आवेदन देने के बावजूद अब तक व्यवस्था बहाल नहीं हुई है। मजबूरी में लोग हैंडपंप या दूर-दराज के जल स्रोतों पर निर्भर हैं।
Chhattisgarh News:-PHE और ग्रामीणों के दावों में बड़ा अंतर
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग के उपयंत्री बी.एस. सिदार ने बताया कि विभाग की जांच में वार्ड-3 के जल स्रोतों में अधिकतम 300 mg/L TDS पाया गया, जबकि 300 से 500 mg/L तक का TDS पेयजल के लिए स्वीकार्य माना जाता है।
वहीं ग्रामीणों का दावा है कि कई स्रोतों में TDS इससे कई गुना अधिक है। इसी विरोधाभास ने पूरे मामले को विवाद का विषय बना दिया है।
Chhattisgarh News:-स्वास्थ्य विभाग ने क्या कहा?
देवभोग के बीएमओ डॉ. प्रकाश साहू के अनुसार, लंबे समय तक अत्यधिक TDS वाला पानी पीने से स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। हालांकि उन्होंने कहा कि वार्ड-3 की आबादी के अनुपात में जलजनित बीमारियों का कोई असामान्य पैटर्न स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में दर्ज नहीं है और इस संबंध में अस्पताल में बड़े पैमाने पर मरीज नहीं पहुंचे हैं।
Chhattisgarh News:-अब उठ रही है ये मांग
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से पूरे वार्ड के सभी पेयजल स्रोतों की स्वतंत्र और सघन वैज्ञानिक जांच कराने, रिपोर्ट सार्वजनिक करने और सुरक्षित पेयजल की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
