बेमेतरा

Chhattisgarh High Court:-बेमेतरा की ओपन जेल पर हाईकोर्ट सख्त: भवन तैयार, अब स्टाफ-सुरक्षा की बारी; अक्टूबर में सरकार को देना होगा हिसाब

Chhattisgarh High Court:-बेमेतरा/बिलासपुर। बेमेतरा जिले के ग्राम पथर्रा में तैयार की गई छत्तीसगढ़ की पहली ओपन जेल को पूरी तरह शुरू करने की प्रक्रिया पर हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई है। कोर्ट ने साफ किया है कि सिर्फ जेल भवन तैयार होना पर्याप्त नहीं है। इसे प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए आवश्यक स्टाफ, सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाएं जल्द पूरी करनी होंगी। सरकार को अक्टूबर 2026 में प्रगति की जानकारी शपथपत्र के जरिए कोर्ट के सामने रखने के निर्देश दिए गए हैं।

Chhattisgarh High Court:-जुलाई में मिली थी संचालन की दिशा

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में शिवराज सिंह बनाम छत्तीसगढ़ शासन मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने बेमेतरा के पथर्रा में ओपन जेल को लेकर प्रगति की जानकारी दी थी। 13 जुलाई 2026 के आदेश में कोर्ट के सामने बताया गया कि 200 बंदियों की क्षमता वाली जेल का निर्माण पूरा हो चुका है और हैंडओवर की प्रक्रिया चल रही थी। राज्य सरकार को ओपन जेल की अधिसूचना जारी करने के लिए दो सप्ताह का समय भी दिया गया था।

इसके बाद 14 जुलाई 2026 को पथर्रा में ओपन जेल की स्थापना को लेकर औपचारिक आदेश जारी किया गया। हालिया रिपोर्टों के अनुसार यह प्रदेश की पहली ओपन जेल है, जिसकी क्षमता 200 पुरुष बंदियों की है।

Chhattisgarh High Court:-नियम बने, लेकिन असली चुनौती अब व्यवस्था की

13 अगस्त 2026 को छत्तीसगढ़ ओपन जेल के संचालन एवं प्रबंधन से जुड़े नियम जारी किए गए। इनमें पात्र बंदियों के चयन, स्थानांतरण, समिति गठन, अवकाश, पैरोल और प्रबंधन जैसी व्यवस्थाओं का प्रावधान किया गया है। पात्र बंदियों के चयन के लिए जेल मुख्यालय स्तर पर समिति की व्यवस्था भी बताई गई है।

ओपन जेल में सामान्य जेल की तुलना में नियंत्रित स्वतंत्रता का प्रावधान है। इसका मकसद अच्छे आचरण वाले पात्र बंदियों को प्रशिक्षण, काम और पुनर्वास के अवसर देकर उन्हें रिहाई के बाद समाज की मुख्यधारा में वापस लाना है।

Chhattisgarh High Court:-48 पदों पर भर्ती का प्रस्ताव

ओपन जेल को पूरी तरह संचालित करने के लिए जेल विभाग ने 48 पदों के सृजन और सीधी भर्ती का प्रस्ताव शासन को भेजा है। इसमें प्रभारी जेल अधीक्षक सहित अन्य आवश्यक स्टाफ शामिल है। कोर्ट ने इन प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा करने पर जोर दिया है।

यानी अब चुनौती जेल की इमारत खड़ी करने से ज्यादा उसे स्टाफ और प्रशासनिक व्यवस्था के साथ जमीन पर उतारने की है।

Chhattisgarh High Court:-सुरक्षा के लिए CAF की कंपनी की मांग

ओपन जेल की बाहरी सुरक्षा के लिए छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल यानी CAF की एक कंपनी तैनात करने की मांग की गई है। जेल विभाग की ओर से इसके लिए पुलिस मुख्यालय से पत्राचार किया गया है। रिपोर्टों के मुताबिक, माओवादी प्रभावित इलाकों और कानून-व्यवस्था की ड्यूटी में बल की व्यस्तता के कारण तत्काल कंपनी उपलब्ध कराने में कठिनाई सामने आई थी। इसके बाद जेल विभाग ने 14 जुलाई, 5 अगस्त और 14 अगस्त को फिर से कंपनी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।

Chhattisgarh High Court:-जेल नहीं, पुनर्वास का मॉडल बनाने की तैयारी

पथर्रा की ओपन जेल का उद्देश्य सिर्फ बंदियों को रखने तक सीमित नहीं है। यहां उन्हें कौशल प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ने की योजना है। हालिया जानकारी के मुताबिक ओपन जेलों को ITI और कौशल विकास संस्थानों से जोड़ा जाएगा। पथर्रा में फैब्रिकेशन ट्रेड के जरिए वेल्डिंग, सोल्डरिंग और मेटल बेंडिंग जैसे कामों का प्रशिक्षण देने की योजना है।

रिहाई के बाद बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए इंडियन ओवरसीज बैंक के माध्यम से ऋण और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की योजना भी सामने आई है। इसका उद्देश्य जेल से बाहर आने के बाद रोजगार या स्वरोजगार की राह आसान करना है।

Chhattisgarh High Court:-अक्टूबर में होगा अगला हिसाब

हाईकोर्ट ने सरकार को ओपन जेल से जुड़ी लंबित व्यवस्थाओं को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं। अक्टूबर 2026 में जेल एवं सुधारात्मक सेवाओं के महानिदेशक को नया शपथपत्र दाखिल कर प्रगति की जानकारी देनी होगी।

यानी पथर्रा की ओपन जेल का भवन तैयार होने के बाद अब असली परीक्षा उसके संचालन की है—स्टाफ, सुरक्षा और पुनर्वास की व्यवस्था कितनी तेजी से जमीन पर उतरती है, इस पर हाईकोर्ट की नजर रहेगी।

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