छत्तीसगढ़

CG News:-विभाजन की पीड़ा से एकता का संकल्प, रायपुर में गूंजी CM साय की दो टूक—“इतिहास को याद रखना हमारी जिम्मेदारी”

CG News:-रायपुर। देश की आजादी की पूर्व संध्या पर 1947 के विभाजन की भयावह त्रासदी को याद करते हुए छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ का राज्य स्तरीय आयोजन हुआ। संचालनालय पुरातत्व स्थित मुक्ताकाशी मंच पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विभाजन में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि दी और विस्थापित परिवारों के संघर्ष, साहस और धैर्य को नमन किया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इतिहास केवल अतीत का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि वर्तमान को दिशा देने और भविष्य को सुरक्षित रखने की सीख भी है। 1947 के विभाजन की पीड़ा हमें देश की एकता, अखंडता और सामाजिक सद्भाव को हर परिस्थिति में मजबूत बनाए रखने का संदेश देती है।

CG News:-बंटवारा सिर्फ जमीन का नहीं, लाखों जिंदगियों का था

मुख्यमंत्री ने कहा कि 1947 का विभाजन केवल भू-भाग और सीमाओं का बंटवारा नहीं था। इसके कारण लाखों लोगों को अपनी जन्मभूमि, घर-परिवार और अपनों से बिछड़ना पड़ा। बंगाली, सिख और सिंधी समाज सहित अनेक समुदायों के परिवारों ने विस्थापन की असहनीय पीड़ा झेली।

कई परिवारों ने अपना सब कुछ पीछे छोड़कर अनजान जगहों पर नए सिरे से जिंदगी शुरू की। मुख्यमंत्री ने कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद विस्थापित लोगों ने मेहनत, साहस और जीवटता के बल पर खुद को दोबारा स्थापित किया और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी संघर्षगाथा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है।

CG News:-14 अगस्त को क्यों मनाया जाता है विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस?

केंद्र सरकार ने वर्ष 2021 में 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया था। इसका उद्देश्य विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले लोगों और विस्थापित परिवारों के संघर्ष एवं बलिदान को स्मरण करना तथा नई पीढ़ी को उस मानवीय त्रासदी से परिचित कराना है। सरकार ने इस दिवस को सामाजिक वैमनस्य और विभाजनकारी मानसिकता से बचने तथा एकता और सामाजिक सद्भाव मजबूत करने के संदेश से भी जोड़ा है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विभाजन की पीड़ा को याद करना केवल अतीत को दोहराना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों की पुनरावृत्ति न हो। आने वाली पीढ़ियों को यह जानना जरूरी है कि आजादी के साथ देश ने विभाजन का कितना बड़ा मानवीय दंश भी झेला था।

CG News:-“संगठित रहेंगे तो राष्ट्र भी संगठित रहेगा”—डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता पद्मश्री डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने कहा कि यदि समाज संगठित रहेगा तो राष्ट्र भी संगठित रहेगा। उन्होंने नागरिकों से भारत की एकता और अखंडता को बनाए रखने का संकल्प दोहराने का आह्वान किया।

डॉ. द्विवेदी ने कहा कि विभाजन के दौरान विस्थापित हुए लाखों लोगों के संघर्ष और त्याग को इतिहास की स्मृतियों में उचित स्थान मिलना चाहिए। इन लोगों ने घर, संपत्ति और अपनों को खोने के बाद भी हार नहीं मानी और नए स्थानों पर जीवन खड़ा किया।

उन्होंने विभाजन के दौरान सीमा निर्धारण की ऐतिहासिक प्रक्रिया का भी उल्लेख किया। भारत-पाकिस्तान सीमा निर्धारण का दायित्व ब्रिटिश अधिकारी सर सिरिल रेडक्लिफ को सौंपा गया था, जो जुलाई 1947 में भारत आए थे और बेहद कम समय में जटिल सीमा निर्धारण का काम पूरा करना पड़ा।

डॉ. द्विवेदी ने कहा कि इतिहास से मिली सीख समाज को बांटने वाली ताकतों के प्रति सजग करती है। राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सद्भाव केवल सरकार की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है।

CG News:-‘पिंजर’ से विभाजन की मानवीय पीड़ा को पर्दे पर उतारा

मुख्यमंत्री साय ने डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी के साहित्य और सिनेमा के क्षेत्र में योगदान की सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से उनकी चर्चित फिल्म ‘पिंजर’ का उल्लेख किया, जो अमृता प्रीतम के उपन्यास पर आधारित थी और 1947 के विभाजन के दौरान मानवीय पीड़ा, सामाजिक तनाव तथा महिलाओं की त्रासदी को संवेदनशील तरीके से सामने लाती है।

कार्यक्रम में विभाजन का दंश झेलने वाले विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों और उनके परिवारों ने भी अपनी स्मृतियां और अनुभव साझा किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्यक्ष रूप से उस दौर को देखने वाले अनेक लोग अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी अगली पीढ़ियां उन संघर्षों और स्मृतियों को आज भी संजोए हुए हैं।

CG News:-2047 के विकसित भारत के लिए एकजुट समाज जरूरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। यह लक्ष्य तभी पूरा हो सकता है जब समाज एकजुट और सशक्त हो।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ भी विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और इस यात्रा में समाज के हर वर्ग की भूमिका महत्वपूर्ण है। विभाजन की पीड़ा झेलने वाले परिवारों और उनकी पीढ़ियों के प्रति राज्य सरकार संवेदनशीलता के साथ खड़ी है।

CG News:-मौन जुलूस में शामिल हुए CM साय

स्मृति दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय संचालनालय पुरातत्व से अंबेडकर चौक तक निकाले गए मौन जुलूस में भी शामिल हुए। जुलूस के जरिए विभाजन की त्रासदी में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि दी गई और विस्थापन का दंश झेलने वाले परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की गई।

मौन जुलूस में जनप्रतिनिधियों, विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों और बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।

कार्यक्रम में सांसद बृजमोहन अग्रवाल एवं लक्ष्मी वर्मा, विधायक पुरंदर मिश्रा और मोतीलाल साहू, रायपुर जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा, संत युधिष्ठिर लाल, स्वामी शिवस्वरूपानंद, राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार पंकज कुमार झा, यशवंत जैन और डॉ. नवीन मार्कण्डेय सहित अनेक जनप्रतिनिधि, समाजों के प्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।

संदेश साफ था—विभाजन की पीड़ा को भूलना नहीं, उससे सीखना है; ताकि देश की एकता, अखंडता और सामाजिक सद्भाव आने वाली पीढ़ियों तक मजबूत बना रहे।

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