छत्तीसगढ़

CG News:-पटवारी पर FIR से भड़का पटवारी संघ, थाने के बाहर प्रदर्शन; पुलिस ने कहा- ‘बिना जांच के नहीं हुई कार्रवाई’

CG News:-सूरजपुर। जिले में जमीन नामांतरण और रजिस्ट्री से जुड़े एक विवाद ने अब पुलिस और राजस्व विभाग के बीच टकराव का रूप ले लिया है। फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र के आधार पर जमीन का नामांतरण और रजिस्ट्री कराने के आरोप में तत्कालीन भैयाथान तहसीलदार, पटवारी एंजेलिना भगत समेत चार लोगों के खिलाफ दर्ज FIR के विरोध में पटवारी संघ ने झिलमिली थाना के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी पटवारियों ने FIR वापस लेने की मांग करते हुए पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए।

पटवारी संघ का कहना है कि मामला मूल रूप से राजस्व और जमीन से जुड़ा है तथा इसकी विभागीय जांच पहले से चल रही है। ऐसे में विभागीय जांच पूरी होने और जिम्मेदारी तय होने से पहले पटवारी के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करना उचित नहीं है।

CG News:-पटवारी संघ ने उठाए FIR पर सवाल

सूरजपुर पटवारी संघ के जिला अध्यक्ष राजेश साहू के मुताबिक, संबंधित जमीन प्रकरण में विभागीय स्तर पर जांच चल रही है। उनका आरोप है कि विभागीय जांच पूरी होने से पहले ही पुलिस ने पटवारी के खिलाफ FIR दर्ज कर दी।

संघ का दावा है कि शासन स्तर से ऐसे मामलों में विभागीय जांच और दोष निर्धारण की प्रक्रिया पूरी होने का प्रावधान बताया गया है। इसी आधार पर पटवारी संघ ने FIR को गलत बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की है।

संघ के अनुसार, कार्रवाई के विरोध में जिले के राजस्व पटवारी आंदोलन पर हैं।

CG News:-पुलिस का जवाब- शिकायत की जांच के बाद दर्ज हुआ अपराध

वहीं पुलिस ने पटवारी संघ के आरोपों को खारिज किया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार देवांगन के अनुसार, भैयाथान क्षेत्र में जमीन से जुड़े पुराने मामले में धोखाधड़ी की शिकायत सामने आई थी। मामले की जांच के बाद तत्कालीन तहसीलदार और पटवारी समेत संबंधित लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई।

पुलिस का कहना है कि पटवारी संघ जिस बात को ‘बिना जांच FIR’ बता रहा है, वह सही नहीं है। पुलिस के मुताबिक, शिकायत और उपलब्ध तथ्यों की जांच करने के बाद ही अपराध दर्ज किया गया।

CG News:-क्या है पूरा विवाद?

मामला भैयाथान क्षेत्र में जमीन के कथित फर्जीवाड़े से जुड़ा है। इससे पहले करकोटी गांव के एक मामले में एक बुजुर्ग महिला ने आरोप लगाया था कि उसे कागजों में मृत दर्शाकर उसकी जमीन का नामांतरण और बिक्री कर दी गई। मामले में राजस्व अधिकारियों की भूमिका पर भी आरोप लगाए गए थे और प्रशासन ने शिकायत के बाद जांच की बात कही थी।

अब इसी प्रकरण में FIR दर्ज होने के बाद पटवारी संघ खुलकर विरोध में उतर आया है। एक तरफ संघ विभागीय जांच पूरी होने से पहले FIR को अनुचित बता रहा है, वहीं पुलिस का कहना है कि कार्रवाई पर्याप्त जांच के बाद ही की गई है।

CG News:-फिलहाल आमने-सामने दोनों पक्ष

इस पूरे मामले में अब मुख्य सवाल यही है कि विभागीय जांच और पुलिस जांच की प्रक्रिया किस तरह आगे बढ़ती है। पटवारी संघ FIR वापस लेने की मांग पर अड़ा है, जबकि पुलिस ने फिलहाल कार्रवाई को जांच के आधार पर सही ठहराया है। मामले की आगे की जांच में यह स्पष्ट होगा कि जमीन के कथित फर्जीवाड़े में किसकी भूमिका क्या रही।

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