राजनीति

Indian Politics:-संसद का मानसून सत्र हंगामे के बीच खत्म, लोकसभा में सिर्फ 1 मिनट चली कार्यवाही; पीएम मोदी और अमित शाह रहे मौजूद

Indian Politics:-संसद का मानसून सत्र गुरुवार को भारी हंगामे और राजनीतिक गतिरोध के बीच समाप्त हो गया। लोकसभा की अंतिम दिन की कार्यवाही करीब एक मिनट ही चल सकी। इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया। राज्यसभा की कार्यवाही लोकसभा की तुलना में अधिक देर चली, लेकिन वहां भी विपक्ष के विरोध और हंगामे का असर देखने को मिला।

सत्र के अंतिम दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी संसद पहुंचे। अमित शाह की मौजूदगी इसलिए भी महत्वपूर्ण रही क्योंकि सत्र के दौरान विपक्ष लगातार सरकार से विभिन्न मुद्दों पर जवाब और चर्चा की मांग करता रहा था। अंतिम दिन सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों के विरोध के कारण माहौल गरमा गया और लोकसभा में कामकाज आगे नहीं बढ़ सका।

Indian Politics:-वंदे मातरम् के बाद लोकसभा स्थगित

लोकसभा में अंतिम दिन वंदे मातरम् के गायन के बाद अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी। इस तरह जिस दिन सदन में महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की उम्मीद थी, उस दिन भी राजनीतिक टकराव के कारण विधायी कामकाज आगे नहीं बढ़ सका।

Indian Politics:-राज्यसभा में भी हंगामा, खड़गे ने उठाया मुद्दा

राज्यसभा में कांग्रेस अध्यक्ष और विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने हल्द्वानी में उनके कार्यक्रम के बाद कथित ‘शुद्धिकरण’ से जुड़े विवाद का मुद्दा उठाया। इस दौरान विपक्षी सदस्यों ने विरोध किया और सदन में हंगामे की स्थिति बनी रही।

वहीं, राज्यसभा में MMDR संशोधन विधेयक समेत विधायी कामकाज भी हुआ। पूरे सत्र में राजनीतिक विरोध और विधायी एजेंडे के बीच लगातार टकराव बना रहा।

Indian Politics:-अमित शाह ने चर्चा के लिए जताई थी तैयारी

सत्र के अंतिम दौर में गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे छात्र प्रदर्शन से जुड़े मुद्दे पर संसद में विस्तृत चर्चा के लिए सरकार की तैयारी जताई थी। शाह ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर कहा था कि सरकार उठाए गए सवालों का जवाब देने के लिए तैयार है। इसके बावजूद अंतिम दिन भी दोनों पक्षों के बीच गतिरोध पूरी तरह खत्म नहीं हो सका।

सरकार का आरोप रहा कि विपक्ष लगातार हंगामा कर संसद की कार्यवाही बाधित कर रहा है। वहीं विपक्ष का कहना रहा कि जिन मुद्दों को वह सदन में उठाना चाहता है, उन पर पर्याप्त चर्चा नहीं कराई जा रही।

Indian Politics:-25 दिन का सत्र, हंगामा बना सबसे बड़ा मुद्दा

2026 का मानसून सत्र करीब 25 दिनों तक चला और इसके दौरान लगातार विरोध-प्रदर्शन तथा व्यवधान देखने को मिला। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, सत्र में 12 विधेयक पेश किए गए और 11 विधेयक दोनों सदनों से पारित हुए, लेकिन संसद की कार्यक्षमता और बार-बार होने वाले व्यवधान पर गंभीर सवाल भी उठे।

इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि संसद में राजनीतिक टकराव के बीच जनहित से जुड़े मुद्दों पर सार्थक और विस्तृत चर्चा कैसे सुनिश्चित की जाए।

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