CG News;-सुप्रीम कोर्ट से राहत, जेल से बाहर आए अमित बघेल… अब 3 महीने रायपुर में नहीं रख सकेंगे कदम!

CG News;-रायपुर। बलौदाबाजार हिंसा मामले में गिरफ्तार छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के अध्यक्ष और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के सुप्रीमो अमित बघेल बुधवार को रायपुर सेंट्रल जेल से रिहा हो गए। सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद उनकी रिहाई हुई। जेल के बाहर बड़ी संख्या में समर्थक और कार्यकर्ता पहले से मौजूद थे, जिन्होंने फूल-मालाओं, नारेबाजी और आतिशबाजी के साथ उनका भव्य स्वागत किया।
रिहाई के बाद समर्थकों ने रायपुर सेंट्रल जेल से घड़ी चौक तक रैली निकाली। इस दौरान छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। रैली के चलते सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रखी गई और पुलिस बल तैनात रहा।
READ MORE:- रायपुर में BJP-Congress भिड़ंत बनी रणभूमि! SI समेत 16 पुलिसकर्मी घायल, पुलिस कमिश्नर पहुंचे अस्पताल
CG News;-सुप्रीम कोर्ट ने किन शर्तों पर दी जमानत?
अमित बघेल को 17 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली थी। अदालत ने जमानत देते हुए कुछ अहम शर्तें भी लगाई हैं। आदेश के अनुसार उन्हें लगभग तीन महीने तक रायपुर जिले की सीमा से बाहर रहना होगा, साथ ही जांच और न्यायिक प्रक्रिया में पूरा सहयोग करना होगा। अदालत ने उन्हें किसी भी प्रकार की ऐसी गतिविधि से दूर रहने का निर्देश दिया है, जिससे मामले की जांच प्रभावित हो।

CG News;-क्या है पूरा बलौदाबाजार हिंसा मामला?
10 जून 2024 को बलौदाबाजार के दशहरा मैदान में जैतखाम से कथित तोड़फोड़ की घटना के विरोध में विशाल प्रदर्शन आयोजित किया गया था। प्रदर्शन में हजारों लोग शामिल हुए थे।
पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान कुछ मंचीय भाषणों के बाद भीड़ उग्र हो गई और बैरिकेड्स तोड़ते हुए कलेक्टोरेट तथा पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय परिसर में घुस गई। इस दौरान सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया, कई वाहनों में आग लगा दी गई और कलेक्टोरेट भवन के हिस्सों में भी आगजनी हुई।
हिंसा रोकने का प्रयास कर रहे पुलिस अधिकारियों और जवानों पर पथराव तथा लाठी-डंडों से हमला किए जाने का भी आरोप है, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे। इस मामले में पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनमें अमित बघेल भी शामिल थे।
CG News;-आगे क्या होगा?
अमित बघेल को फिलहाल जमानत मिली है। मामले की सुनवाई अभी जारी है और अदालत में आरोपों की न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही अंतिम निर्णय आएगा। पुलिस और अभियोजन पक्ष भी मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रहे हैं।
