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Digital Chhattisgarh:-CM विष्णुदेव साय बोले- ‘दीदी के गोठ’ बना महिलाओं की प्रेरणा का सबसे बड़ा मंच, 12 एपिसोड में बदली हजारों परिवारों की तस्वीर

Digital Chhattisgarh:-छत्तीसगढ़ की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में शुरू किया गया रेडियो कार्यक्रम ‘दीदी के गोठ’ अब प्रेरणा का बड़ा मंच बन चुका है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेश की हजारों महिलाएं स्वरोजगार, नवाचार और आजीविका से जुड़ी सफल कहानियों से प्रेरित होकर आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं।

राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित ‘दीदी के गोठ’ वार्षिकोत्सव-2026 एवं संकुल स्तरीय संगठन सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक सफल महिला की संघर्ष गाथा दूसरी महिलाओं के लिए नई उम्मीद और आत्मविश्वास का स्रोत बन रही है। यही इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी उपलब्धि है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘दीदी के गोठ’ कॉफी टेबल बुक, ‘बिहान वाणी’ त्रैमासिक पत्रिका और ‘मोर गांव मोर पानी’ पुस्तक का विमोचन किया। उन्होंने अपनी सफलता की कहानी साझा करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया तथा 12 एपिसोड पर आधारित प्रदर्शनी और फोटो गैलरी का अवलोकन कर स्व-सहायता समूहों की महिलाओं से संवाद भी किया।

Digital Chhattisgarh:-कोरोना के बाद संघर्ष से बनीं लखपति दीदी

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने दुर्ग जिले की लखपति दीदी विद्या निषाद से वर्चुअल संवाद किया। विद्या ने बताया कि कोरोना काल में पति के निधन के बाद बिहान समूह से प्रशिक्षण और सहयोग मिला। उन्होंने कपड़े एवं फैंसी स्टोर का व्यवसाय शुरू किया और आज सालाना 5 लाख रुपये से अधिक की आय अर्जित कर आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने उनकी सफलता को अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणादायक बताया।

Digital Chhattisgarh:-हर महीने सुनाई जाती है एक प्रेरक कहानी

मुख्यमंत्री ने बताया कि 31 अगस्त 2025 से शुरू हुए ‘दीदी के गोठ’ कार्यक्रम के अब तक 12 एपिसोड प्रसारित हो चुके हैं। प्रत्येक माह के दूसरे गुरुवार को एक सफल महिला अपनी स्थानीय बोली में संघर्ष और सफलता की कहानी साझा करती है, जिससे प्रदेशभर की महिलाओं को नई दिशा मिलती है।

उन्होंने कहा कि आज महिलाएं ड्रोन दीदी, कृषि सखी, पशु सखी, ऑर्गेनिक खेती, पशुपालन, कैटरिंग, हस्तशिल्प और अन्य स्वरोजगार गतिविधियों के माध्यम से आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं। सरकार का लक्ष्य इन लखपति दीदियों को आगे चलकर करोड़पति बनाना है।

Digital Chhattisgarh:-महिलाओं के लिए सरकार की योजनाओं का उल्लेख

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत करीब 70 लाख महिलाओं को हर महीने एक-एक हजार रुपये दिए जा रहे हैं और अब तक लगभग 18 हजार करोड़ रुपये महिलाओं के खातों में भेजे जा चुके हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रदेश को 18 लाख आवास स्वीकृत हुए हैं, जिनमें से 11 लाख से अधिक आवास पूरे किए जा चुके हैं। वहीं मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से आम लोगों की शिकायतों का त्वरित समाधान किया जा रहा है।

Digital Chhattisgarh:-’36 कला’ ब्रांड से मिलेगी राष्ट्रीय पहचान

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि स्व-सहायता समूहों के उत्पादों को राष्ट्रीय बाजार दिलाने के लिए ’36 कला’ ब्रांड विकसित किया गया है। सरकार महिलाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़कर उनके उत्पाद सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाने की दिशा में काम कर रही है।

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण ही विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव है। वहीं कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि ‘दीदी के गोठ’ प्रदेशभर की महिलाओं तक सफलता और नवाचार की प्रेरक कहानियां पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बन गया है।

Digital Chhattisgarh:-एक साल में 25 जिलों की 38 महिलाओं की कहानियां

छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अनुसार, कार्यक्रम के एक वर्ष के दौरान 25 जिलों की 38 महिलाओं ने अपनी स्थानीय बोली में सफलता की कहानियां साझा की हैं। इनमें लखपति दीदी, ड्रोन दीदी, कृषि सखी, पशु सखी, वित्तीय समावेशन, साइबर सुरक्षा, प्रधानमंत्री आवास योजना, वनोपज, फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी और ’36 कला’ ब्रांड जैसे विषय शामिल रहे हैं।

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