
Political War:-राजधानी रायपुर स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय (मेडिकल कॉलेज) में बनने वाले 200 सीटर छात्रावास भवन के भूमिपूजन के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। छात्रावास भवन के निर्माण का श्रेय किसे मिले, इसे लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आमने-सामने आ गए हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दावा किया कि छात्रावास भवन को वर्ष 2021 में ही स्वीकृति मिल चुकी थी, ऐसे में अब दोबारा भूमिपूजन करना केवल राजनीतिक श्रेय लेने की कोशिश है। वहीं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पलटवार करते हुए कहा कि छात्रावास की मूल स्वीकृति डॉ. रमन सिंह सरकार के कार्यकाल में हुई थी, लेकिन कांग्रेस सरकार अपने पांच वर्षों के कार्यकाल में परियोजना को आगे नहीं बढ़ा सकी।
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Political War:-क्या है पूरा मामला?
6 जुलाई को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर मेडिकल कॉलेज परिसर में बनने वाले 200 सीटर छात्रावास भवन का भूमिपूजन किया। इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस परियोजना को उनकी सरकार पहले ही स्वीकृति दे चुकी थी, उसका दोबारा शिलान्यास कर सरकार जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रही है।
बघेल ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में मुख्यमंत्री को अधिकारियों से सही जानकारी लेने की सलाह देते हुए कहा कि इस तरह के “प्रपंच” से बचना चाहिए।
Political War:-मुख्यमंत्री साय का पलटवार
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भूपेश बघेल के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि छात्रावास भवन की स्वीकृति पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में दी गई थी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार को पांच वर्ष का समय मिला, लेकिन निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया गया। छात्रों की लंबे समय से चली आ रही मांग को देखते हुए वर्तमान सरकार ने निर्माण प्रक्रिया शुरू कराई है।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि “श्रेय लेने की राजनीति भाजपा नहीं, बल्कि कांग्रेस करती रही है।” उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार ने केलो परियोजना का कई बार भूमिपूजन किया, लेकिन बजट उपलब्ध नहीं कराया, जबकि भाजपा सरकार ने स्वीकृति के बाद कार्य शुरू कराया और परियोजना पूरी भी कराई।
Political War:-स्वास्थ्य मंत्री ने भी दिया जवाब
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने भी पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि यदि कांग्रेस यह दावा कर रही है कि परियोजना उनके कार्यकाल में शुरू हुई थी तो उसके प्रमाण भी सामने रखे जाएं।
उन्होंने कहा कि 2018 में रमन सरकार ने परियोजना को स्वीकृति दी थी, लेकिन कांग्रेस सरकार अपने कार्यकाल में निर्माण शुरू नहीं करा सकी। मंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार अधूरी परियोजनाओं को पूरा करने का काम कर रही है और यदि जरूरत पड़ी तो इस मुद्दे पर सार्वजनिक बहस के लिए भी तैयार हैं।
Political War:-विवाद की मुख्य बातें
| पक्ष | दावा |
|---|---|
| भूपेश बघेल | छात्रावास भवन को 2021 में मंजूरी मिल चुकी थी, अब भूमिपूजन केवल श्रेय लेने की राजनीति है। |
| मुख्यमंत्री विष्णु देव साय | मूल स्वीकृति रमन सरकार में हुई थी, कांग्रेस ने पांच साल तक काम आगे नहीं बढ़ाया। |
| स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल | कांग्रेस अपने दावों के प्रमाण पेश करे, वर्तमान सरकार अधूरी योजनाओं को पूरा कर रही है। |
