राजनीति

Local Politics:-एल्डरमैन नियुक्ति पर भाजपा में बगावत! कार्यकर्ता सम्मेलन के बाहर जमकर हंगामा, जिलाध्यक्ष के खिलाफ लगे मुर्दाबाद के नारे

Local Politics:-नगर निकायों में एल्डरमैन नियुक्ति को लेकर भरतपुर-सोनहत भाजपा में अंदरूनी नाराजगी खुलकर सामने आ गई। मनेन्द्रगढ़ के सांस्कृतिक भवन (दुर्गा पंडाल) में आयोजित जिला स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान पार्टी के ही कार्यकर्ताओं ने सम्मेलन स्थल के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और भाजपा जिलाध्यक्ष चंपा देवी पावले के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

एल्डरमैन की सूची जारी होने के बाद नाराज कार्यकर्ताओं ने “चंपा तेरी तानाशाही नहीं चलेगी” और “मुर्दाबाद” जैसे नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि नियुक्तियों में वर्षों से संगठन के लिए कार्य कर रहे समर्पित स्थानीय कार्यकर्ताओं की अनदेखी की गई है, जबकि सूची में ऐसे लोगों को शामिल किया गया है जो संबंधित क्षेत्र के मतदाता तक नहीं हैं।

Local Politics:-स्थानीय कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का आरोप

प्रदर्शन कर रहे भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि एल्डरमैन नियुक्तियों में पारदर्शिता नहीं बरती गई और चयन प्रक्रिया में पक्षपात किया गया। उनका आरोप है कि लंबे समय से पार्टी संगठन को मजबूत करने वाले जमीनी कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर बाहरी और कम सक्रिय लोगों को प्राथमिकता दी गई, जिससे कार्यकर्ताओं में गहरा असंतोष है।

कार्यकर्ताओं ने मांग की कि एल्डरमैन नियुक्तियों की दोबारा समीक्षा की जाए और स्थानीय, सक्रिय तथा लंबे समय से संगठन के लिए कार्य कर रहे कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी जाए।

Local Politics:-प्रदर्शन में कई वरिष्ठ नेता भी शामिल

विरोध प्रदर्शन में पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष एवं वर्तमान पार्षद धीरेंद्र विश्वकर्मा, पार्षद इरशाद अहमद, जितेंद्र गुप्ता, पूर्व मंडल अध्यक्ष विनोद गुप्ता सहित हसदेव मंडल के झगराखंड, लेदरी और खोंगापानी क्षेत्र के सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।

Local Politics:-अभी तक नहीं आया जिलाध्यक्ष का पक्ष

खबर लिखे जाने तक भाजपा जिलाध्यक्ष चंपा देवी पावले की ओर से इस पूरे विवाद पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में अब सभी की नजर पार्टी नेतृत्व पर है कि वह नाराज कार्यकर्ताओं की मांगों पर क्या फैसला लेता है।

Local Politics:-राजनीतिक मायने

नगर निकायों में एल्डरमैन नियुक्ति को लेकर सामने आया यह विरोध भाजपा के भीतर बढ़ती गुटबाजी और संगठनात्मक असंतोष की ओर संकेत माना जा रहा है। यदि समय रहते असंतुष्ट कार्यकर्ताओं को नहीं मनाया गया तो इसका असर भविष्य के स्थानीय निकाय और संगठनात्मक गतिविधियों पर पड़ सकता है।

नोट: प्रदर्शन में लगाए गए नारे और आरोप प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं के हैं। इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।

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