छत्तीसगढ़

Monsoon 2026:-पहली ही बारिश में डूबा रायपुर: जलभराव पर भाजपा सरकार घिरी, पूर्व विधायक विकास उपाध्याय बोले— ‘विकास के दावों की खुल गई पोल’

Monsoon 2026:-रायपुर। राजधानी रायपुर में मानसून की पहली तेज़ बारिश के बाद कई इलाकों में गंभीर जलभराव की स्थिति बन गई। सड़कों पर पानी भरने के साथ-साथ कई कॉलोनियों और मकानों में भी बारिश का पानी घुस गया, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई परिवारों का घरेलू सामान, राशन, कपड़े, बिस्तर और अन्य जरूरी वस्तुएं पानी में भीग गईं या खराब हो गईं।

इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने भाजपा सरकार और नगर निगम प्रशासन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि मानसून की पहली ही बारिश ने राजधानी में विकास और बेहतर शहरी व्यवस्थाओं के दावों की वास्तविकता सामने ला दी है।

Monsoon 2026:-जलभराव वाले इलाकों का किया दौरा

विकास उपाध्याय ने रविवार सुबह शहर के विभिन्न जलभराव प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने गुढ़ियारी, रामनगर, कुशालपुर, पुरानी बस्ती, कोटा, प्रोफेसर कॉलोनी, देवेंद्र नगर, बजरंग नगर, जोरापारा, टिकरापारा, अर्जुन नगर, पारस नगर, मंडी क्षेत्र और नहरपारा सहित कई इलाकों में पहुंचकर स्थानीय लोगों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं।

उन्होंने दावा किया कि इन क्षेत्रों में आम नागरिक जलभराव, बिजली बाधित होने और दैनिक जीवन अस्त-व्यस्त होने जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं, जबकि सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधि मौके पर नजर नहीं आए।

Monsoon 2026:-‘पहली बारिश में ही हालात चिंताजनक’

पूर्व विधायक ने कहा कि यदि मानसून की पहली ही बारिश में राजधानी की यह स्थिति है, तो आगामी दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम, जिला प्रशासन और राज्य सरकार समय रहते नालों की सफाई, जल निकासी व्यवस्था और मानसून पूर्व तैयारियों को प्रभावी ढंग से लागू करने में विफल रहे।

उन्होंने यह भी कहा कि राजधानी में महापौर, सांसद, विधायक और पार्षद सहित अधिकांश जनप्रतिनिधि भाजपा से हैं, लेकिन प्रभावित परिवारों के बीच राहत पहुंचाने के लिए कोई दिखाई नहीं दिया।

Monsoon 2026:-सरकार से की ये प्रमुख मांगें

विकास उपाध्याय ने राज्य सरकार से मांग की कि—

  • जलभराव वाले क्षेत्रों में तत्काल जल निकासी की व्यवस्था की जाए।
  • राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर शुरू किए जाएं।
  • जिन परिवारों का सामान खराब हुआ है, उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए।
  • भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए स्थायी ड्रेनेज और जल निकासी व्यवस्था मजबूत की जाए।

Monsoon 2026:-प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती

हर वर्ष मानसून के दौरान रायपुर के कई निचले इलाकों में जलभराव की समस्या सामने आती है। विशेषज्ञों का मानना है कि तेज़ी से बढ़ते शहरीकरण, नालों के अतिक्रमण, समय पर सफाई न होने और अपर्याप्त ड्रेनेज सिस्टम के कारण स्थिति और गंभीर होती जा रही है। ऐसे में मानसून के पूरे सीजन के दौरान प्रशासन के लिए जलनिकासी और राहत कार्य बड़ी चुनौती बने रहेंगे।

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