छत्तीसगढ़

Chhattisgarh News:-बस्तर में बदलेगी तस्वीर! नक्सलवाद के साये से निकलकर विकास की नई उड़ान भरेगा आदिवासी अंचल

Chhattisgarh News:-कभी नक्सलवाद की वजह से विकास की दौड़ में पिछड़ गया बस्तर अब तेजी से बदलने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि आने वाले समय में बस्तर को देश का सबसे सुंदर, विकसित और समृद्ध आदिवासी संभाग बनाया जाएगा। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर लगातार काम कर रही हैं।

राजधानी रायपुर में आयोजित ‘तेरा राज नहीं आएगा रे’ पुस्तक के विमोचन समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि चार दशकों तक नक्सलवाद का दंश झेलने वाले बस्तर में अब विकास की नई कहानी लिखी जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता मिली है, जिससे क्षेत्र में विकास का रास्ता खुला है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ‘बस्तर रोडमैप 2.0’, नियद नेल्ला नार योजना और बस्तर मुन्ने अभियान के जरिए गांव-गांव तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचा रही है। जहां पहले सुरक्षा कैंप थे, वहां अब सेवा केंद्र विकसित किए जा रहे हैं, जो रोजगार, कौशल विकास और सरकारी सेवाओं के नए केंद्र बनेंगे।

Chhattisgarh News:-बस्तर की आय दोगुनी करने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में बस्तर के अधिकांश परिवारों की मासिक आय 15 हजार रुपये से कम है। सरकार अगले तीन वर्षों में लोगों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य लेकर काम कर रही है। इसके लिए कृषि, पशुपालन, लघु वनोपज और सहकारिता को बढ़ावा दिया जाएगा।

Chhattisgarh News:-शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष फोकस

सरकार ने बंद पड़े 421 स्कूलों को फिर से शुरू किया है। अबूझमाड़ और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी विकसित करने की योजना पर काम चल रहा है। वहीं, स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत लाखों लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है।

Chhattisgarh News:-पर्यटन और संस्कृति को मिलेगा नया मंच

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। बस्तर पंडुम और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजनों ने यहां की संस्कृति को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है।

Chhattisgarh News:-पुस्तक पर क्या बोले नेता?

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि ‘तेरा राज नहीं आएगा रे’ पुस्तक वर्षों की मेहनत और गहन शोध का परिणाम है। वहीं उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि माओवाद एक विचारधारा के रूप में आया था, लेकिन अब समाज सामान्य जीवन की ओर लौट रहा है और बस्तर में फिर से मेलों, बाजारों और सांस्कृतिक गतिविधियों की रौनक लौट आई है।

सरकार का दावा है कि नक्सलवाद से मुक्ति के बाद अब बस्तर विकास, शिक्षा, रोजगार और पर्यटन के नए युग में प्रवेश करने जा रहा है।

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