कोलकाता/नई दिल्ली।“मिस यू ममता दीदी…” बगावत के बीच छलका शताब्दी रॉय का दर्द, बोलीं- भावनाओं में गलत हूं, लेकिन पार्टी को बदलाव की जरूरत थी

कोलकाता/नई दिल्ली।पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों बड़ा सियासी भूचाल देखने को मिल रहा है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर जारी बगावत के बीच अभिनेत्री से सांसद बनीं शताब्दी रॉय का भावुक बयान चर्चा का विषय बन गया है। ममता बनर्जी के कहने पर राजनीति में कदम रखने वाली शताब्दी रॉय ने कहा कि वह आज भी ममता बनर्जी का सम्मान करती हैं, लेकिन पार्टी के भीतर बदलाव नहीं होने से निराश हैं।
उन्होंने भावुक होते हुए कहा, “मिस यू ममता दीदी… इमोशनली मैं शायद गलत हूं, लेकिन पार्टी को आत्ममंथन और बदलाव की जरूरत थी।”
यह बयान ऐसे समय आया है जब TMC के करीब 20 सांसदों द्वारा लोकसभा अध्यक्ष Om Birla को पत्र लिखकर NDA को समर्थन देने और संसद में अलग बैठने की व्यवस्था की मांग किए जाने का दावा किया गया है।
कोलकाता/नई दिल्ली। हार के कारणों पर चर्चा नहीं हुई: शताब्दी रॉय
शताब्दी रॉय ने एक बैठक का जिक्र करते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव में हार के बाद पार्टी नेताओं को बुलाया गया था। सभी नेताओं को हार के कारण पता थे, लेकिन खुलकर चर्चा नहीं हो सकी।
उनके अनुसार, उन्होंने नेतृत्व से कहा था कि पहले यह समझना जरूरी है कि हार क्यों हुई। उन्होंने पार्टी की रणनीति, संगठन और भ्रष्टाचार के आरोपों को भी हार का कारण बताया।
रॉय ने कहा कि उन्हें लगा कि पार्टी नेतृत्व किसी बड़े बदलाव या फेरबदल के पक्ष में नहीं है और यही स्थिति उनकी निराशा का कारण बनी।
कोलकाता/नई दिल्ली। TMC में बगावत क्यों बढ़ रही है?
बंगाल विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद TMC के भीतर असंतोष लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। पार्टी के कई सांसद और विधायक नेतृत्व की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं।
बागी खेमे का दावा है कि लोकसभा में TMC के 28 सांसदों में से लगभग 20 सांसद NDA को समर्थन देने के पक्ष में हैं। इन सांसदों ने अलग संसदीय समूह बनाने की इच्छा जताई है। हालांकि पार्टी नेतृत्व इन दावों को चुनौती दे रहा है।
कोलकाता/नई दिल्ली। कौन-कौन हैं बागी खेमे में?
बागी गुट का नेतृत्व Kakoli Ghosh Dastidar कर रही हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस गुट में कई प्रमुख चेहरे शामिल बताए जा रहे हैं, जिनमें:
- Shatrughan Sinha
- Yusuf Pathan
- Saayoni Ghosh
- Shatabdi Roy
- Deepak Adhikari (Dev)
जैसे नाम शामिल होने की चर्चा है।
कोलकाता/नई दिल्ली। राज्यसभा में भी बढ़ी मुश्किलें
TMC के लिए मुश्किलें केवल लोकसभा तक सीमित नहीं हैं। हाल के दिनों में राज्यसभा सांसद Sukhendu Shekhar Ray और Sushmita Dev ने इस्तीफा देकर पार्टी नेतृत्व की चिंता बढ़ा दी है। सुष्मिता देव के इस्तीफे को TMC के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
