देश-विदेश

World Politics:-अमेरिका की ‘सुपरपावर’ वाली जगह पर भारत का दबदबा? लुकाशेंको बोले- चीन, रूस और भारत हैं सबसे ताकतवर तीन देश

World Politics:-शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शिखर सम्मेलन में बेलारूस के राष्ट्रपति एलेक्जेंडर लुकाशेंको के एक बयान ने वैश्विक राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। लुकाशेंको ने SCO के मंच से चीन, भारत और रूस को संगठन के तीन सबसे शक्तिशाली देशों के तौर पर बताया। हालांकि, इसे “दुनिया की तीन सुपरपावर देशों की आधिकारिक सूची” या अमेरिका को सुपरपावर की सूची से बाहर किए जाने के ऐलान के तौर पर देखना सही नहीं होगा।

लुकाशेंको ने कहा कि संगठन में सभी देशों की बराबरी के बावजूद यह माना जाता है कि चीन, भारत और रूस तीन सबसे शक्तिशाली देश हैं, जिनके पास बड़ी आर्थिक और संसाधन क्षमता के साथ परमाणु हथियार भी हैं। उन्होंने इन तीनों देशों से SCO में ज्यादा सक्रिय नेतृत्व और पहल की उम्मीद जताई।

World Politics:-भारत के बढ़ते कद की चर्चा

लुकाशेंको का बयान ऐसे समय आया है जब SCO के बिश्केक शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग समेत सदस्य देशों के शीर्ष नेता मौजूद थे। 26वीं SCO बैठक 31 अगस्त से 1 सितंबर 2026 तक किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित हुई।

सम्मेलन के दौरान मोदी, पुतिन और शी जिनपिंग की मुलाकात भी चर्चा में रही। हालांकि, भारत ने किसी नए रूस-चीन-भारत गठबंधन का हिस्सा बनने की घोषणा नहीं की है। भारत की विदेश नीति में रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखना महत्वपूर्ण रहा है।

World Politics:-आतंकवाद पर SCO का सख्त रुख

SCO के बिश्केक घोषणा-पत्र में आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद के खिलाफ लड़ाई को लेकर कड़ा रुख अपनाया गया। सदस्य देशों ने आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई में दोहरे मानदंडों को अस्वीकार्य बताया और सीमा पार आतंकवाद तथा आतंकियों की आवाजाही से निपटने पर जोर दिया।

भारत ने भी SCO के मंच पर आतंकवाद और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियों के खिलाफ सहयोग मजबूत करने पर जोर दिया। विदेश मंत्रालय के मुताबिक सम्मेलन से जुड़े 13 प्रमुख परिणामों में आतंकवाद और अंतरराष्ट्रीय अपराध से मुकाबला, ऊर्जा, जलवायु, AI और अन्य क्षेत्रों में सहयोग शामिल रहा।

World Politics:-ईरान पर हमलों की भी निंदा

SCO के संयुक्त बिश्केक घोषणा-पत्र में पश्चिम एशिया की स्थिति पर चिंता जताते हुए ईरान की धरती पर हुए सैन्य हमलों की निंदा की गई। संगठन ने इन हमलों से हुई नागरिक क्षति और आर्थिक नुकसान पर चिंता व्यक्त की।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *