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Red Fort Terror Funding Case:- पत्नी को कैंसर, फिर भी नहीं मिली जमानत… दिल्ली हाई कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला

Red Fort Terror Funding Case:-लाल किला आतंकी हमले से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी और अल फलाह ट्रस्ट के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने उनकी अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। हालांकि, मानवीय आधार पर कोर्ट ने उन्हें 21, 23 और 25 जुलाई को सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक कस्टडी पैरोल पर अपनी पत्नी से मिलने की अनुमति दी है।

दिल्ली हाई कोर्ट की न्यायमूर्ति सौरभ बनर्जी की पीठ ने कहा कि उपलब्ध मेडिकल रिकॉर्ड से यह साबित नहीं होता कि आरोपी की पत्नी की हालत अचानक इतनी गंभीर हो गई है कि अंतरिम जमानत देना आवश्यक हो। अदालत ने यह भी माना कि आरोपी को जमानत देने पर उसके फरार होने, गवाहों को प्रभावित करने या साक्ष्यों से छेड़छाड़ करने की आशंका बनी रहती है।

Red Fort Terror Funding Case:-सिर्फ पत्नी से मिलने की होगी अनुमति

कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि कस्टडी पैरोल के दौरान जवाद सिद्दीकी केवल अपनी पत्नी से ही मुलाकात कर सकेंगे। उन्हें किसी अन्य व्यक्ति से मिलने या किसी अन्य गतिविधि की अनुमति नहीं होगी। यह राहत केवल मानवीय आधार पर सीमित अवधि के लिए दी गई है।

Red Fort Terror Funding Case:-पत्नी कैंसर की चौथी स्टेज से पीड़ित

जवाद सिद्दीकी ने अदालत से छह सप्ताह की अंतरिम जमानत की मांग करते हुए कहा था कि उनकी पत्नी ओवेरियन कैंसर की चौथी स्टेज से पीड़ित हैं और वह जीवन के इस कठिन समय में उनके साथ रहना चाहते हैं।

Red Fort Terror Funding Case:-ईडी ने किया जमानत का विरोध

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अदालत में अंतरिम जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी को रिहा करने पर वह सबूतों से छेड़छाड़ कर सकता है या फरार हो सकता है। एजेंसी ने अंतरिम जमानत के बजाय कस्टडी पैरोल देने का सुझाव दिया, जिसे हाई कोर्ट ने स्वीकार कर लिया।

Red Fort Terror Funding Case:-क्या है पूरा मामला?

यह मामला फरीदाबाद स्थित अल फलाह ट्रस्ट से जुड़ा है। जांच एजेंसियों के अनुसार ट्रस्ट के शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों से ली गई फीस का कथित रूप से दुरुपयोग किया गया और अवैध फंडिंग के जरिए धन के लेनदेन का आरोप है। इसी मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) मनी लॉन्ड्रिंग के तहत कर रहा है। इससे पहले 9 जून को ट्रायल कोर्ट भी जवाद सिद्दीकी की अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर चुकी थी।

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