Political News:-‘भारत रत्न’ बनाम ‘हटाओ CEC’… ज्ञानेश कुमार को लेकर आमने-सामने आया सियासी मैदान, PM मोदी को चिट्ठी लिखकर हुई बड़ी मांग

एक तरफ INDIA ब्लॉक का चुनाव आयोग के खिलाफ आंदोलन, दूसरी तरफ NCPI ने CEC ज्ञानेश कुमार के लिए भारत रत्न की मांग उठाई
Political News:-मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर सियासी घमासान लगातार तेज होता जा रहा है। एक तरफ INDIA ब्लॉक ने चुनाव आयोग और SIR यानी वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन को लेकर आंदोलन का ऐलान किया है, तो दूसरी तरफ नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) ने CEC ज्ञानेश कुमार को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न देने की मांग की है।
NCPI के अध्यक्ष ज्योतिप्रकाश चटर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर यह मांग रखी है। पार्टी ने ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में चुनाव आयोग के कामकाज की तारीफ करते हुए हालिया पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान शांतिपूर्ण मतदान, मतदाता सूची में सुधार और मतदान में बढ़ी भागीदारी जैसे मुद्दों का हवाला दिया है।
हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि भारत रत्न देने का कोई सरकारी फैसला सामने नहीं आया है। फिलहाल यह NCPI की ओर से प्रधानमंत्री को किया गया अनुरोध है।
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Political News:-SIR को लेकर विवाद के बीच बढ़ा सियासी टकराव
दरअसल, चुनाव आयोग के SIR को लेकर पिछले दिनों विवाद और तेज हुआ। द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार कुछ फैसलों और आदेशों पर औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई थी। इनमें मतदाता सूची, नए मतदाताओं के पंजीकरण और चुनावी डेटा के प्रबंधन से जुड़े मुद्दे शामिल थे।
वहीं चुनाव आयोग का कहना है कि आयोग के भीतर अलग-अलग राय होना deliberation का हिस्सा है और SIR समेत प्रमुख फैसले आयोग ने सर्वसम्मति से लिए हैं।
इसी रिपोर्ट के बाद विपक्षी दलों ने CEC ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग के कामकाज पर सवाल उठाए हैं।
Political News:-INDIA ब्लॉक का ‘सेव डेमोक्रेसी मार्च’
इसी मुद्दे को लेकर 30 सितंबर 2026 को दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में INDIA ब्लॉक की बैठक हुई। बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आंदोलन के अगले चरण का ऐलान किया।
INDIA ब्लॉक के मुताबिक, 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक देशभर में जिला स्तर पर ‘सेव डेमोक्रेसी मार्च’ और प्रदर्शन किए जाएंगे। इसके अलावा 6 अक्टूबर को विपक्षी सांसद चुनाव आयोग तक मार्च करेंगे। विपक्षी नेता अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात का समय भी मांगेंगे।
विपक्ष SIR, चुनावी प्रक्रिया और EVM समेत कई मुद्दों को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहा है। वहीं चुनाव आयोग इन आरोपों को स्वीकार नहीं करता और अपनी प्रक्रियाओं का बचाव कर चुका है।
यानी एक ही वक्त में CEC ज्ञानेश कुमार को लेकर दो बिल्कुल अलग तस्वीरें सामने आ रही हैं—एक ओर विपक्ष उनके खिलाफ आंदोलन और कार्रवाई की मांग कर रहा है, तो दूसरी ओर NCPI ने प्रधानमंत्री से उन्हें भारत रत्न देने का अनुरोध किया है। अब इस मुद्दे पर आने वाले दिनों में सियासी टकराव और बढ़ने के आसार हैं।
