Industrial Accident:-जेडी स्टील प्लांट हादसा: पिघले लोहे ने ली श्रमिक की जान, अब डायरेक्टर और ठेकेदार पर FIR; सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

Industrial Accident:-दुर्ग जिले के रसमड़ा स्थित जेडी स्टील प्लांट में पिघले लोहे की चपेट में आने से 42 वर्षीय संतोष कुमार श्रीवास्तव की मौत के मामले में पुलिस ने कंपनी के डायरेक्टर और संबंधित ठेकेदार के खिलाफ FIR दर्ज की है। 17 अक्टूबर को इंडक्शन फर्नेस के ट्रायल के दौरान हुए इस हादसे में संतोष गंभीर रूप से झुलस गए थे। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में लापरवाही की आशंका सामने आने के बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
READ MORE:- प्रेग्नेंसी में करवा चौथ का व्रत रखना कितना सही? निर्जला उपवास से पहले जान लें ये जरूरी बातें
Industrial Accident:-इंडक्शन फर्नेस के ट्रायल के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक, घटना दुर्ग जिले के अंजोरा चौकी क्षेत्र के अंतर्गत रसमड़ा स्थित जेडी स्टील प्लांट में हुई। यहां इंडक्शन फर्नेस के ट्रायल का काम चल रहा था। इसी दौरान बड़ी मात्रा में पिघला हुआ मेटल बाहर निकल आया और वहां काम कर रहे संतोष कुमार श्रीवास्तव इसकी चपेट में आ गए। हादसे में वह बुरी तरह झुलस गए।
गंभीर हालत में उन्हें उपचार के लिए भिलाई के सेक्टर-9 अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया। हालांकि, उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। संतोष मूल रूप से बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के निवासी थे और काम के सिलसिले में छत्तीसगढ़ आए थे।
Industrial Accident:-डायरेक्टर और ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज
घटना की प्रारंभिक जांच के आधार पर पुलिस ने प्लांट संचालक और संबंधित ठेकेदार के खिलाफ FIR दर्ज की है। मामला भारतीय न्याय संहिता की धारा 289 और 106(1) के तहत पंजीबद्ध किया गया है।
धारा 289 मशीनरी के संबंध में लापरवाहीपूर्ण आचरण से जुड़ी है, जबकि धारा 106(1) लापरवाही से मृत्यु कारित करने के अपराध से संबंधित है। फिलहाल पुलिस हादसे की परिस्थितियों और संभावित लापरवाही की भूमिका की जांच कर रही है। FIR दर्ज होने का अर्थ यह नहीं है कि आरोपियों का दोष अदालत में साबित हो चुका है।
Industrial Accident:-हादसे का वीडियो वायरल, श्रमिकों की सुरक्षा पर सवाल
हादसे से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर भी सामने आया, जिसके बाद मामला चर्चा में आ गया। घटना ने औद्योगिक इकाइयों में मशीनों के संचालन, सुरक्षा प्रोटोकॉल और कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
हालांकि, हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और सुरक्षा संबंधी किन नियमों का पालन किया जा रहा था, इसकी वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
Industrial Accident:-इसी कंपनी के दूसरे प्लांट में भी श्रमिक की मौत का दावा
इस घटना के बाद जिला पंचायत सदस्य प्रिया साहू ने दावा किया था कि इसी कंपनी के दूसरे प्लांट में करीब दो साल पहले भी एक श्रमिक की झुलसने से मौत हुई थी। उनके मुताबिक, उस मामले में विरोध के बाद पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये का मुआवजा दिया गया था।
यह दावा औद्योगिक इकाइयों में श्रमिक सुरक्षा और दुर्घटनाओं के बाद जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल उठाता है। हालांकि, पिछली घटना से संबंधित स्वतंत्र पुष्टि और आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर इसकी अलग से जांच आवश्यक है।
Industrial Accident:-जांच के बाद सामने आएगी हादसे की पूरी तस्वीर
जेडी स्टील प्लांट में हुई इस घटना के बाद अब पुलिस जांच पर नजर रहेगी। जांच में यह स्पष्ट होना अहम होगा कि फर्नेस के ट्रायल के दौरान पिघला मेटल बाहर कैसे आया, सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम थे या नहीं और हादसे को रोकने के लिए जरूरी सावधानियां बरती गई थीं या नहीं।
एक श्रमिक की मौत के बाद दर्ज हुई FIR ने औद्योगिक सुरक्षा और जिम्मेदारी का मुद्दा फिर चर्चा में ला दिया है। अब जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि हादसे के लिए किन परिस्थितियों और संभावित लापरवाही की भूमिका रही।
