Crude Oil Price:-क्रूड ऑयल आधी कीमत पर, फिर भी Petrol-Diesel महंगा! आखिर हर लीटर पर कौन कमा रहा ₹11? जानिए पूरा गणित

Crude Oil Price:-अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें लगातार गिर रही हैं, लेकिन देश में पेट्रोल और डीजल के दाम अब भी स्थिर हैं। ऐसे में आम लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल है कि जब तेल सस्ता हो गया है तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें क्यों नहीं घट रहीं?
बाजार के ताजा आंकड़ों के अनुसार, इंडियन बास्केट क्रूड ऑयल की कीमत करीब 68.69 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई है, जो हाल के महीनों के मुकाबले काफी कम है। इसके बावजूद सरकारी तेल कंपनियों ने खुदरा कीमतों में कोई राहत नहीं दी है।
Crude Oil Price:-हर लीटर पर ₹10-11 तक का मार्जिन!
ब्रोकरेज फर्म DAM Capital की रिपोर्ट के मुताबिक, मौजूदा कच्चे तेल की कीमतों पर सरकारी तेल कंपनियां पेट्रोल पर लगभग ₹10.5 प्रति लीटर और डीजल पर करीब ₹11 प्रति लीटर का ग्रॉस मार्केटिंग मार्जिन कमा रही हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, यदि कच्चे तेल की कीमत करीब 87 डॉलर प्रति बैरल रहती है तो कंपनियां ब्रेक-ईवन की स्थिति में रहती हैं। चूंकि पिछले कई सप्ताह से कीमतें इससे नीचे हैं, इसलिए कंपनियों का मार्जिन लगातार मजबूत बना हुआ है।
Crude Oil Price:-क्रूड सस्ता हुआ, लेकिन राहत क्यों नहीं मिली?
विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें केवल कच्चे तेल पर निर्भर नहीं करतीं। इनमें कई अन्य लागतें भी शामिल होती हैं—
- केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी
- राज्य सरकारों का वैट (VAT)
- डीलर कमीशन
- रिफाइनिंग और ट्रांसपोर्ट लागत
- मार्केटिंग मार्जिन
यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल सस्ता होने के बावजूद खुदरा कीमतों में तुरंत कमी नहीं दिखाई देती।
Crude Oil Price:-पहले नुकसान की भरपाई का तर्क
सरकारी तेल कंपनियां पहले भी यह कह चुकी हैं कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बहुत अधिक थीं, तब उन्हें नुकसान उठाना पड़ा था। इसलिए बाद में कीमतें कम होने पर वे उसी नुकसान की भरपाई करती हैं। हालांकि, इस तर्क पर विपक्ष और उपभोक्ता संगठनों ने समय-समय पर सवाल उठाए हैं।
Crude Oil Price:-निजी कंपनी ने घटाए दाम, सरकारी कंपनियां शांत
दिलचस्प बात यह है कि निजी ईंधन विक्रेता Nayara Energy ने जुलाई की शुरुआत में कुछ शहरों में पेट्रोल ₹5 प्रति लीटर और डीजल ₹3 प्रति लीटर तक सस्ता कर दिया। इसके विपरीत, सरकारी कंपनियां IOC, BPCL और HPCL अब तक अपने खुदरा दामों में कोई बदलाव नहीं कर पाई हैं।
Crude Oil Price:-90% बाजार पर सरकारी कंपनियों का कब्जा
देश के एक लाख से अधिक पेट्रोल पंपों में लगभग 90 प्रतिशत पंप इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के नेटवर्क के अंतर्गत आते हैं। इसलिए इनके मूल्य निर्धारण का सीधा असर देशभर के करोड़ों उपभोक्ताओं पर पड़ता है।
Crude Oil Price:-क्या आगे मिल सकती है राहत?
ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक इसी स्तर पर बनी रहती हैं और सरकार टैक्स या मार्केटिंग मार्जिन में बदलाव करती है, तो आने वाले समय में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कुछ राहत मिल सकती है। फिलहाल उपभोक्ताओं को इंतजार करना होगा।
