CG Patwari Strike:-हड़ताल पर प्रशासन का बड़ा एक्शन! 141 पटवारियों को ‘ब्रेक इन सर्विस’ का नोटिस, संघ के जिलाध्यक्ष समेत 2 निलंबित

CG Patwari Strike:-छत्तीसगढ़ में पटवारियों की जारी हड़ताल के बीच जांजगीर-चांपा जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। प्रशासन ने हड़ताल में शामिल 141 पटवारियों को ‘ब्रेक इन सर्विस’ का नोटिस जारी किया है। इसके साथ ही दो पटवारियों को निलंबित कर दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग में हलचल तेज हो गई है।
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CG Patwari Strike:-राजस्व पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष भी निलंबित
प्राप्त जानकारी के अनुसार, निलंबित पटवारियों में शिवरीनारायण क्षेत्र के धर्मेन्द्र यादव और जांजगीर के ज्योतिष कुमार सर्वे शामिल हैं।
धर्मेन्द्र यादव राजस्व पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष भी हैं। उनके खिलाफ कर्तव्य में लापरवाही और बिना अनुमति ड्यूटी से अनुपस्थित रहने के आरोप में निलंबन की कार्रवाई की गई है।
वहीं, पटवारी ज्योतिष कुमार सर्वे के खिलाफ कोतवाली पुलिस द्वारा जुआ अधिनियम के तहत कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद प्रशासन ने उन्हें भी निलंबित कर दिया।
CG Patwari Strike:-156 पटवारी आंदोलन में शामिल, 141 को नोटिस
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, जांजगीर-चांपा जिले में कुल 156 पटवारियों के आंदोलन में शामिल होने की बात सामने आई थी।
जिला प्रशासन के अनुसार, इनमें से 15 पटवारी आंदोलन से अलग हो गए हैं या हड़ताल में शामिल नहीं हैं। इनमें 13 परिवीक्षाधीन पटवारी और दो अन्य पटवारी शामिल बताए गए हैं।
इसके बाद प्रशासन ने शेष 141 पटवारियों को सेवा में व्यवधान यानी ‘ब्रेक इन सर्विस’ से संबंधित नोटिस जारी किया है।
CG Patwari Strike:-क्या होता है ‘ब्रेक इन सर्विस’?
सरकारी सेवा में ‘ब्रेक इन सर्विस’ का अर्थ सेवा अवधि में व्यवधान से है। ऐसी कार्रवाई का असर संबंधित सेवा नियमों और अंतिम विभागीय आदेश के अनुसार वेतन, सेवा अवधि तथा अन्य सेवा संबंधी लाभों पर पड़ सकता है।
हालांकि, केवल नोटिस जारी होने का अर्थ यह नहीं है कि सभी 141 पटवारियों की सेवा में व्यवधान अंतिम रूप से दर्ज कर दिया गया है। अंतिम निर्णय संबंधित नियमों और प्रशासनिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।
CG Patwari Strike:-हड़ताल और प्रशासनिक कार्रवाई से बढ़ा तनाव
पटवारियों की हड़ताल के बीच प्रशासन की इस कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक ओर पटवारी आंदोलन जारी रखे हुए हैं, वहीं दूसरी ओर जिला प्रशासन ने अनुपस्थिति और अनुशासन संबंधी मामलों में कार्रवाई शुरू कर दी है।
अब देखना होगा कि नोटिस मिलने के बाद पटवारी काम पर लौटते हैं या आंदोलन आगे भी जारी रहता है।
