Karwa Chauth 2026:-प्रेग्नेंसी में करवा चौथ का व्रत रखना कितना सही? निर्जला उपवास से पहले जान लें ये जरूरी बातें

करवा चौथ पर गर्भवती महिलाएं व्रत रखें या नहीं? जानें क्यों जरूरी है डॉक्टर की सलाह, लंबे समय तक भूखे-प्यासे रहने से क्या हो सकती हैं परेशानियां और किन लक्षणों को नहीं करना चाहिए नजरअंदाज।
Karwa Chauth 2026:-करवा चौथ का त्योहार नजदीक आते ही सुहागिन महिलाएं इसकी तैयारियों में जुट जाती हैं। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए व्रत रखती हैं। हालांकि, जो महिलाएं गर्भवती हैं, उनके मन में अक्सर सवाल रहता है कि क्या प्रेग्नेंसी के दौरान दिनभर निर्जला उपवास रखना सुरक्षित है? क्या इससे मां और गर्भ में पल रहे बच्चे की सेहत पर असर पड़ सकता है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह है कि गर्भावस्था के दौरान व्रत रखने का फैसला अपनी सेहत और प्रेग्नेंसी की स्थिति को ध्यान में रखकर करना चाहिए। इस समय शरीर को पर्याप्त पोषण और पानी की जरूरत होती है। ऐसे में बिना चिकित्सकीय सलाह के लंबे समय तक भूखे-प्यासे रहना परेशानी का कारण बन सकता है।
READ MORE:- शेफाली वर्मा का ऐतिहासिक धमाका! एक साल में 10 बार 50+ स्कोर, महिला T20I में बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड
Karwa Chauth 2026:-प्रेग्नेंसी में करवा चौथ का व्रत रखना चाहिए या नहीं?
गर्भावस्था के दौरान हर महिला की शारीरिक स्थिति अलग होती है। कुछ महिलाओं की प्रेग्नेंसी सामान्य रहती है, जबकि कुछ को उल्टी, कमजोरी, एनीमिया, ब्लड शुगर या दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए सभी गर्भवती महिलाओं के लिए एक जैसी सलाह देना सही नहीं है।
अमेरिकन कॉलेज ऑफ ऑब्स्टेट्रिशियंस एंड गायनेकोलॉजिस्ट्स (ACOG) के अनुसार, गर्भावस्था में पर्याप्त पोषण और पानी का सेवन जरूरी है। ऐसे में करवा चौथ का व्रत रखने से पहले अपनी गायनेकोलॉजिस्ट से बात करें। डॉक्टर आपकी प्रेग्नेंसी की स्थिति, स्वास्थ्य और जरूरतों के अनुसार सलाह दे सकते हैं।
Karwa Chauth 2026:-निर्जला व्रत रखने से क्या हो सकती हैं परेशानियां?
करवा चौथ पर महिलाएं सूर्योदय से लेकर चंद्रोदय तक भोजन और पानी का सेवन नहीं करती हैं। लेकिन गर्भावस्था के दौरान लंबे समय तक पानी नहीं पीने से शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन का खतरा हो सकता है।
पानी की कमी होने पर गर्भवती महिला को चक्कर आना, सिरदर्द, कमजोरी, दिल की धड़कन तेज महसूस होना और पेशाब कम आने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। पर्याप्त तरल पदार्थ लेना शरीर के सामान्य कामकाज और गर्भावस्था के दौरान बढ़ी हुई जरूरतों के लिए जरूरी है।
इसीलिए गर्भवती महिलाओं को बिना डॉक्टर की सलाह के निर्जला व्रत रखने से बचना चाहिए। यदि धार्मिक परंपरा का पालन करना चाहती हैं, तो अपनी सेहत के अनुकूल विकल्पों पर डॉक्टर से चर्चा करें।
Karwa Chauth 2026:-लंबे समय तक भूखे रहने से ब्लड शुगर पर पड़ सकता है असर
गर्भावस्था में शरीर को ऊर्जा और पोषक तत्वों की नियमित आपूर्ति जरूरी होती है। लंबे समय तक भोजन नहीं करने से कुछ महिलाओं को कमजोरी, कंपकंपी, चक्कर या अस्वस्थता महसूस हो सकती है। डायबिटीज या गर्भावधि मधुमेह से जूझ रही महिलाओं के लिए भोजन छोड़ना और भी जोखिम भरा हो सकता है, खासकर यदि वे ब्लड शुगर नियंत्रित करने वाली दवाएं या इंसुलिन लेती हैं।
ऐसी स्थिति में बिना चिकित्सकीय सलाह के उपवास नहीं करना चाहिए। दवाओं या इंसुलिन की खुराक में बदलाव भी डॉक्टर के निर्देश के बिना न करें।
Karwa Chauth 2026:-बच्चे की मूवमेंट कम हो तो तुरंत लें मेडिकल मदद
गर्भावस्था के आगे के चरणों में बच्चे की सामान्य गतिविधियों पर ध्यान देना जरूरी है। यदि आपको बच्चे की मूवमेंट सामान्य से कम महसूस हो या वह बंद हो जाए, तो तुरंत अपने डॉक्टर या नजदीकी मैटरनिटी अस्पताल से संपर्क करें। अगले दिन तक इंतजार न करें और केवल खाना खाने या पानी पीने के बाद मूवमेंट सामान्य होने की उम्मीद में चिकित्सा सहायता लेने में देरी न करें।
इसी तरह, बेहोशी, लगातार चक्कर, बहुत कम पेशाब, तेज कमजोरी या लगातार उल्टी जैसे लक्षणों को भी नजरअंदाज न करें।
Karwa Chauth 2026:-अगर करवा चौथ मनाना है, तो इन बातों का रखें ध्यान
- डॉक्टर से पहले बात करें: व्रत रखने से पहले अपनी गायनेकोलॉजिस्ट से व्यक्तिगत सलाह लें।
- पानी की कमी न होने दें: डॉक्टर की सलाह के अनुसार पर्याप्त पानी और दूसरे उपयुक्त तरल पदार्थ लें।
- पौष्टिक भोजन करें: फल, दूध, दही, मेवे और संतुलित भोजन को अपनी डाइट में शामिल करें। किसी भी खाद्य पदार्थ से एलर्जी या चिकित्सकीय परहेज हो तो उसका ध्यान रखें।
- समय पर भोजन करें: लंबे समय तक भूखे रहने के बजाय अपनी जरूरत के अनुसार नियमित अंतराल पर भोजन करें।
- शरीर के संकेत समझें: चक्कर, कमजोरी, कंपकंपी या अस्वस्थता होने पर उपवास जारी रखने की जिद न करें और जरूरत पड़ने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लें।
Karwa Chauth 2026:-आस्था के साथ सेहत का ध्यान रखना भी जरूरी
करवा चौथ कई महिलाओं के लिए आस्था और भावनाओं से जुड़ा त्योहार है। हालांकि, गर्भावस्था के दौरान मां और बच्चे की सेहत को प्राथमिकता देना जरूरी है। निर्जला व्रत रखने के बजाय ऐसा विकल्प चुनें जो आपकी स्वास्थ्य स्थिति के अनुकूल हो। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि किसी दूसरी गर्भवती महिला के अनुभव के आधार पर अपने लिए फैसला न करें, बल्कि अपनी गायनेकोलॉजिस्ट की सलाह को प्राथमिकता दें।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। गर्भावस्था में व्रत रखने या खानपान में बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
