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Crime News:-अपहरण-हत्या मामले में आरोपी को उम्रकैद, NIA कोर्ट का बड़ा फैसला

Crime News:-छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में वर्ष 2019 में हुई श्यामनाथ आंचला की हत्या के मामले में विशेष सत्र न्यायाधीश (NIA) भानुप्रतापपुर की अदालत ने आरोपी पीलूराम आंचला उर्फ सालिक राम को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने यह फैसला 16 सितंबर 2026 को सुनाया।

अभियोजन के अनुसार, 26 अगस्त 2019 को कोयलीबेड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम जुगड़ा के जंगल में श्यामनाथ आंचला की हत्या की गई थी। आरोप था कि हथियारबंद लोगों ने श्यामनाथ को उसके घर से अपने साथ ले जाकर जंगल में उसकी हत्या कर दी थी। 2019 की तत्कालीन रिपोर्टों में घटना को नक्सलियों से जोड़ते हुए श्यामनाथ को जंगल ले जाने और हत्या किए जाने की जानकारी सामने आई थी।

मामले में पीलूराम आंचला के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 147, 148, 364, 302/149, आयुध अधिनियम की धारा 25 और 27 तथा विधि विरुद्ध क्रियाकलाप निवारण अधिनियम (UAPA) की संबंधित धाराओं के तहत आरोप लगाए गए थे।

Crime News:-इन धाराओं में हुई दोषसिद्धि

विशेष सत्र न्यायाधीश दीपक के. गुप्ता की अदालत ने आरोपी को अलग-अलग धाराओं में दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।

  • धारा 148 IPC: 3 वर्ष का सश्रम कारावास और 500 रुपये अर्थदंड।
  • धारा 364 IPC: 10 वर्ष का सश्रम कारावास और 1,000 रुपये अर्थदंड।
  • धारा 302/149 IPC: आजीवन कारावास और 1,000 रुपये अर्थदंड।
  • आयुध अधिनियम की धारा 25 और 27: आजीवन कारावास और 1,000 रुपये अर्थदंड।

अर्थदंड जमा नहीं करने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास का प्रावधान भी आदेश में किया गया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि आरोपी को दी गई सभी सजाएं एक साथ चलेंगी

अदालत ने यह भी माना कि भारतीय दंड संहिता की धारा 147 और 148 एक ही प्रकृति के अपराध से संबंधित हैं, इसलिए आरोपी को धारा 148 के तहत ही दोषसिद्ध किया गया।

Crime News:-13 गवाहों ने अदालत में दी गवाही

इस मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 13 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। शासन की ओर से मामले की पैरवी NIA के विशेष लोक अभियोजक त्रिभुवन शंकर यादव ने की।

2019 में क्या हुआ था?

घटना के बाद सामने आई तत्कालीन मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, हथियारबंद लोग श्यामनाथ आंचला को उसके घर से अपने साथ ले गए थे और बाद में जंगल में उसकी हत्या कर दी गई थी। उस समय पुलिस अधिकारियों ने घटना की पुष्टि की थी।

एक अन्य समकालीन रिपोर्ट में घटना को कथित नक्सली जनअदालत से जोड़ते हुए श्यामनाथ पर पुलिस मुखबिरी का आरोप लगाए जाने की बात कही गई थी। हालांकि उस समय हत्या के तरीके को लेकर प्रकाशित रिपोर्टों में अंतर दिखाई देता है।

अब करीब 7 साल बाद अदालत ने मामले में आरोपी पीलूराम आंचला उर्फ सालिक राम को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।

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