Annu Projects IPO Listing:- ₹99 का शेयर ₹72 पर खुला, 27% की जोरदार गिरावट के बाद अपर सर्किट पर पहुंचा; फिर भी निवेशक घाटे में

Annu Projects IPO Listing:- Annu Projects के IPO में पैसा लगाने वाले निवेशकों को शेयर बाजार में लिस्टिंग के दिन बड़ा झटका लगा। ₹99 के इश्यू प्राइस वाला शेयर बुधवार को NSE पर ₹72 और BSE पर ₹75 के भाव पर लिस्ट हुआ। यानी NSE पर शेयर की एंट्री 27.27% डिस्काउंट के साथ हुई, जबकि BSE पर यह 24.24% नीचे लिस्ट हुआ।
हालांकि, कमजोर शुरुआत के बाद शेयर में खरीदारी लौटी और NSE पर यह ₹75.60 के अपर सर्किट तक पहुंच गया। इसके बावजूद ₹99 के IPO इश्यू प्राइस के मुकाबले शेयर अभी भी करीब 23.64% नीचे है।
Annu Projects IPO Listing:- कमजोर लिस्टिंग के बाद शेयर में आया जोरदार उछाल
Annu Projects की लिस्टिंग से पहले बाजार में इसके GMP को लेकर भी खास उत्साह नहीं था। रिपोर्टों के मुताबिक लिस्टिंग से पहले ग्रे मार्केट में शेयर करीब ₹92 के आसपास चल रहा था, जो ₹99 के इश्यू प्राइस से लगभग ₹7 कम था। ऐसे में कमजोर लिस्टिंग की आशंका पहले से बन रही थी।
लिस्टिंग के बाद शेयर ने हालांकि तेजी से रिकवरी की। NSE पर ₹72 से बढ़कर ₹75.60 तक पहुंचते ही स्टॉक अपने अपर सर्किट पर लॉक हो गया। यानी निचले स्तर से शेयर में करीब 5% की रिकवरी देखने को मिली, लेकिन IPO निवेशक अभी भी इश्यू प्राइस से काफी नीचे हैं।
Annu Projects IPO Listing:- ₹175 करोड़ का IPO, करीब 3 गुना मिला सब्सक्रिप्शन
Annu Projects का IPO 25 अगस्त से 28 अगस्त 2026 तक खुला था। कंपनी ने इस इश्यू के जरिए करीब ₹175.06 करोड़ जुटाए। यह पूरी तरह Fresh Issue था और इसमें OFS यानी Offer for Sale का हिस्सा नहीं था। कुल 1,76,83,000 नए शेयर जारी किए गए।
IPO को कुल मिलाकर 2.93 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। QIB कैटेगरी 1.72 गुना, NII कैटेगरी 3.55 गुना और रिटेल निवेशकों का हिस्सा 2.68 गुना सब्सक्राइब हुआ। यानी सब्सक्रिप्शन के आंकड़े ठीक रहने के बावजूद लिस्टिंग पर शेयर को बाजार से कमजोर प्रतिक्रिया मिली।
Annu Projects IPO Listing:- IPO का पैसा कहां खर्च करेगी कंपनी?
कंपनी के ऑफर डॉक्यूमेंट के मुताबिक IPO से मिलने वाली रकम का बड़ा हिस्सा Working Capital में लगाया जाना है।
- ₹115 करोड़ — Working Capital Requirements
- ₹15.41 करोड़ — मशीनरी और Equipment खरीदने के लिए Capital Expenditure
- ₹24.16 करोड़ — General Corporate Purposes
- करीब ₹20.49 करोड़ — Issue Expenses
इससे साफ है कि कंपनी IPO के जरिए मिलने वाली पूंजी का बड़ा हिस्सा अपने मौजूदा कारोबार को सपोर्ट करने और उसकी क्षमता बढ़ाने में इस्तेमाल करना चाहती है।
Annu Projects IPO Listing:- क्या करती है Annu Projects?
Annu Projects एक Engineering, Procurement and Construction (EPC) कंपनी है, जो मुख्य रूप से Telecom Infrastructure, Sewerage Infrastructure और Gas Pipeline से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर काम करती है। कंपनी रेलवे सिग्नलिंग सेगमेंट में भी मौजूद है।
30 जून 2026 तक कंपनी के पास 23 ongoing projects थे। इनकी aggregate contract value करीब ₹1,959.35 करोड़ बताई गई है। हालांकि, इसे सीधे Order Book नहीं कहा जाना चाहिए। कंपनी का वास्तविक reported order book करीब ₹1,005.05 करोड़ था।
Order book में Telecom Infrastructure की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा थी। इसके अलावा Sewerage, Gas Pipeline और Railway Signalling से जुड़े प्रोजेक्ट भी कंपनी के कारोबार में शामिल हैं।
Annu Projects IPO Listing:- कमाई और मुनाफे में भी दिखी अच्छी ग्रोथ
Annu Projects के वित्तीय आंकड़े कंपनी की कमाई में लगातार बढ़ोतरी दिखाते हैं। FY24 में कंपनी की total income करीब ₹155.42 करोड़ थी, जो FY26 में बढ़कर ₹244.59 करोड़ हो गई।
इसी अवधि में Profit After Tax यानी PAT ₹17.39 करोड़ से बढ़कर ₹33.03 करोड़ पहुंच गया। FY26 में कंपनी का EBITDA करीब ₹50.19 करोड़ और PAT margin करीब 13.69% रहा।
कंपनी की borrowings भी बढ़ी हैं। FY26 के अंत में borrowings करीब ₹52.54 करोड़ थी, जबकि net worth करीब ₹155.26 करोड़ रही।
Annu Projects IPO Listing:- मजबूत आंकड़ों के बावजूद लिस्टिंग क्यों पड़ी फीकी?
Annu Projects के IPO को करीब तीन गुना सब्सक्रिप्शन मिलना और कंपनी की बढ़ती आय व मुनाफा एक सकारात्मक तस्वीर पेश करता है। लेकिन शेयर की लिस्टिंग ने दिखाया कि IPO की मांग और लिस्टिंग के दिन बाजार की कीमत दो अलग चीजें हो सकती हैं।
लिस्टिंग के दिन व्यापक बाजार में भी दबाव देखने को मिला। ऐसे माहौल में नए शेयरों पर बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। Annu Projects में भी शुरुआत में यही देखने को मिला, हालांकि बाद में स्टॉक अपर सर्किट तक पहुंच गया।
अब निवेशकों की नजर कंपनी के ऑर्डर बुक, नए ऑर्डर, प्रोजेक्ट execution, working capital management और आने वाले वित्तीय नतीजों पर रहेगी। सिर्फ मजबूत IPO subscription या पहले दिन के अपर सर्किट को शेयर के भविष्य की गारंटी नहीं माना जा सकता।
