बालोद

CG News:-सड़क के सवाल पर ‘पारा हाई’! गुंडरदेही नगर पंचायत अध्यक्ष का कथित गाली-गलौज वाला वीडियो वायरल, थाने पहुंचा मामला

CG News:-बालोद/गुंडरदेही। गुंडरदेही नगर पंचायत अध्यक्ष प्रमोद जैन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। दावा किया जा रहा है कि वार्ड में बन रही सड़क को लेकर सोशल मीडिया इंफ्ल्यूएंसर युवराज तम्बोली ने अध्यक्ष से सवाल किया था, जिसके बाद बातचीत कथित तौर पर विवाद में बदल गई। वायरल वीडियो में अध्यक्ष द्वारा कथित तौर पर गाली-गलौज और धमकी देने की बात सामने आ रही है।

प्रमोद जैन गुंडरदेही नगर पंचायत के निर्वाचित अध्यक्ष हैं। 2025 के नगरीय निकाय चुनाव में भाजपा प्रत्याशी के तौर पर उन्होंने अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की थी।

CG News:-सड़क के सवाल पर शुरू हुआ विवाद?

जानकारी के मुताबिक, युवराज तम्बोली ने वार्ड में चल रहे सड़क निर्माण को लेकर नगर पंचायत अध्यक्ष से सवाल किया था। इसी दौरान दोनों के बीच विवाद होने का दावा किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में अध्यक्ष प्रमोद जैन कथित तौर पर आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में धमकी दिए जाने का भी दावा किया जा रहा है।

हालांकि, वायरल वीडियो की पूरी पृष्ठभूमि, बातचीत की शुरुआत और वीडियो के पूरे संदर्भ की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। ऐसे में वीडियो में दिखाई-सुनाई दे रही बातों को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा।

CG News:-पुलिस से शिकायत का दावा

मामले में युवराज तम्बोली की ओर से गुंडरदेही थाने में आवेदन देकर कार्रवाई की मांग किए जाने की बात सामने आई है। शिकायत पर पुलिस द्वारा जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की बात कही जा रही है। हालांकि, इस आवेदन और पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध सार्वजनिक स्रोतों से नहीं हो सकी है।

CG News:-कांग्रेस ने उठाए सवाल

वहीं, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चंद्रेश हिरवानी ने मामले को लेकर भाजपा और नगर पंचायत अध्यक्ष पर निशाना साधा है। उनका कहना है कि जनप्रतिनिधि को सार्वजनिक जीवन में मर्यादा बनाए रखनी चाहिए। उन्होंने कथित धमकी को गंभीर बताते हुए प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

CG News:-पहले भी विवादों में रहे हैं अध्यक्ष?

वायरल वीडियो के बाद सोशल मीडिया पर प्रमोद जैन से जुड़े पुराने विवादों की भी चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, पुराने मामले से जुड़े दावों की स्वतंत्र और ताजा पुष्टि इस रिपोर्ट के लिए उपलब्ध स्रोतों से नहीं हो सकी है। इसलिए उन दावों को तथ्य के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं होगा।

अब पूरे मामले में नजर पुलिस की जांच और वायरल वीडियो की वास्तविक परिस्थितियों पर है। यदि शिकायत पर कोई एफआईआर या आधिकारिक कार्रवाई होती है, तो उससे मामले की कानूनी स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

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