Political News:-झारखंड छात्र आंदोलन पर सियासत तेज: भूपेश की चुप्पी पर चंद्राकर का ‘जूता’ तंज, वंदे मातरम विवाद पर भी साधा निशाना

Political News:-झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन ने अब छत्तीसगढ़ की सियासत को भी गर्म कर दिया है। आंदोलन के बीच भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की चुप्पी पर तीखा तंज कसा है। चंद्राकर ने आरोप लगाया कि भूपेश बघेल दूसरे राज्यों के मुद्दों पर मुखर रहते हैं, लेकिन झारखंड में छात्रों के आंदोलन को लेकर उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।
चंद्राकर ने तंज कसते हुए कहा कि अगर भूपेश बघेल झारखंड इसलिए नहीं जा रहे हैं कि कहीं उनका जूता चोरी न हो जाए, तो भाजपा उन्हें नया जूता दे देगी। हालांकि, इस बयान की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध विश्वसनीय रिपोर्टों में नहीं मिली है, इसलिए इसे चंद्राकर के बयान के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
Political News:-झारखंड में क्यों आंदोलन कर रहे हैं छात्र?
झारखंड में छात्र और नौकरी के अभ्यर्थी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों, पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्षता सुनिश्चित करना और कथित अनियमितताओं की CBI जांच शामिल है। 10 अगस्त को विधानसभा की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज, आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया था।
15 अगस्त को छात्रों ने तिरंगा यात्रा निकाली और आंदोलन आगे बढ़ाने का ऐलान किया। रिपोर्टों के मुताबिक प्रदर्शनकारियों ने 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास के घेराव की चेतावनी भी दी है।
Political News:-‘जो देश का विरोध करते हैं, वो नक्सलाइट हैं’—चंद्राकर
नक्सलवाद के मुद्दे पर भी अजय चंद्राकर ने कांग्रेस पर निशाना साधा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में सशस्त्र नक्सलवाद के कमजोर होने की बात करते हुए वैचारिक या “दिमागी नक्सल” की चुनौती का उल्लेख किया था।
इसी संदर्भ में चंद्राकर ने कथित तौर पर कहा कि राष्ट्र के सम्मान, देशभक्ति और राष्ट्रीय प्रतीकों से जुड़ी चीजों का विरोध करने वाली मानसिकता को नक्सली मानसिकता कहा जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी ताकतों को देश और व्यवस्था पर भरोसा नहीं है।
हालांकि, “जो देश का विरोध करते हैं, वो नक्सलाइट हैं” जैसी टिप्पणी को चंद्राकर के राजनीतिक बयान के रूप में ही प्रस्तुत करना उचित है; यह कोई कानूनी या आधिकारिक परिभाषा नहीं है।
Political News:-वंदे मातरम विवाद पर कांग्रेस को घेरा
कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन में वंदे मातरम के गायन को लेकर सामने आए विवाद पर भी चंद्राकर ने कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रगीत के गायन को लेकर हुई कथित घटना की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।
चंद्राकर ने कहा कि यदि कांग्रेस का पक्ष यह है कि पूरा राष्ट्रगीत गाया गया था और उस दौरान किसी नेता के लिए कुर्सी की व्यवस्था की जा रही थी, तो कार्यक्रम की पूरी रिकॉर्डिंग सार्वजनिक की जानी चाहिए, ताकि जनता खुद सच्चाई देख सके।
उन्होंने वंदे मातरम को राष्ट्रीय अस्मिता और देशभक्ति से जुड़ा प्रतीक बताते हुए कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप भी लगाया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध स्रोतों से नहीं हो सकी है।
Political News:-वायरल वीडियो को लेकर भी सियासी वार
अजय चंद्राकर से जुड़े कथित वायरल वीडियो को लेकर भी कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी है। चंद्राकर का दावा है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जा रहा वीडियो 15 अगस्त के कार्यक्रम का नहीं, बल्कि कुरुद के पुराने प्रशिक्षण शिविर का है।
उनका कहना है कि पुराने वीडियो को स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम से जोड़कर प्रचारित किया गया। चंद्राकर ने यह भी दावा किया कि इस मामले में कांग्रेस के राष्ट्रीय नेताओं समेत कई लोगों के खिलाफ धमतरी में FIR दर्ज कराई गई है।
हालांकि, FIR में किन-किन धाराओं में किस-किस व्यक्ति को नामजद किया गया है, इसकी स्वतंत्र और आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध स्रोतों से नहीं हो सकी है। इसलिए इस हिस्से को आरोप/दावे के रूप में ही देखना चाहिए।
15 अगस्त को चंद्राकर ने किया था ध्वजारोहण
उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक 15 अगस्त को धमतरी जिले के मुख्य समारोह में कुरुद विधायक अजय चंद्राकर ने ध्वजारोहण किया और परेड का निरीक्षण किया था।
यही वजह है कि वायरल वीडियो को लेकर उठ रहे सवालों पर चंद्राकर ने अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों को खारिज करते हुए पुराने वीडियो को नए कार्यक्रम से जोड़ने का आरोप लगाया है।
Political News:-सियासत में अब ‘जूता’, ‘वंदे मातरम’ और ‘नक्सल’ की एंट्री
झारखंड का छात्र आंदोलन मूल रूप से भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और युवाओं के रोजगार से जुड़ा मुद्दा है, लेकिन अब इसके बहाने छत्तीसगढ़ में भी कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। एक तरफ छात्रों का आंदोलन सरकार पर दबाव बढ़ा रहा है, तो दूसरी ओर चंद्राकर के बयान ने भूपेश बघेल की चुप्पी को लेकर नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है।
वहीं वंदे मातरम और कथित वायरल वीडियो को लेकर भी दोनों दल आमने-सामने हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में झारखंड छात्र आंदोलन का असर छत्तीसगढ़ की राजनीति में कितना दिखाई देता है, यह देखने वाली बात होगी।
