Modi Government Will Mix Biogas With CNG-PNG:-गोबर से गैस तक! मोदी कैबिनेट का बड़ा दांव, ₹23,731 करोड़ की GOBARdhan योजना को मंजूरी

Modi Government Will Mix Biogas With CNG-PNG:-केंद्र सरकार ने देश में कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) के उत्पादन और इस्तेमाल को बड़े स्तर पर बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 6 अगस्त 2026 को राष्ट्रीय सर्कुलर बायोएनर्जी योजना (GOBARdhan) को मंजूरी दी। इस योजना के लिए कुल ₹23,731 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसे वित्त वर्ष 2026-27 से 2035-36 तक लागू किया जाएगा।
Modi Government Will Mix Biogas With CNG-PNG:-CNG-PNG में CBG की बढ़ेगी हिस्सेदारी
सरकार का लक्ष्य देश में घरेलू Compressed Biogas (CBG) उत्पादन को करीब 10 गुना बढ़ाना है। CBG को CNG और PNG के साथ मिलाकर इस्तेमाल करने की व्यवस्था को भी आगे बढ़ाया जा रहा है। पहले से तय चरणबद्ध CBG Blending Obligation के तहत 2026-27 में 3 प्रतिशत, 2027-28 में 4 प्रतिशत और 2028-29 से आगे 5 प्रतिशत blending का लक्ष्य रखा गया है।
इस व्यवस्था में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियां तय blending लक्ष्य को पूरा करने के लिए CBG खरीदेंगी। इसका मकसद घरेलू स्तर पर तैयार होने वाली नवीकरणीय गैस की मांग बढ़ाना और आयातित प्राकृतिक गैस पर निर्भरता कम करना है।
Modi Government Will Mix Biogas With CNG-PNG:-गोबर, पराली और कचरे से बनेगी ऊर्जा
GOBARdhan योजना के तहत पशुओं का गोबर, कृषि अवशेष, चीनी मिलों से निकलने वाला प्रेसमड, नगर निकायों का जैविक कचरा और दूसरे बायोमास को उपयोगी संसाधन में बदला जाएगा। इससे CBG के साथ जैविक खाद का भी उत्पादन होगा। सरकार का लक्ष्य कचरे को ऊर्जा और आय के स्रोत में बदलकर एक मजबूत ‘सर्कुलर बायोइकोनॉमी’ तैयार करना है।
Modi Government Will Mix Biogas With CNG-PNG:-CBG प्लांट लगाने वालों को मिलेगा सपोर्ट
योजना के तहत CBG क्षेत्र को बढ़ाने के लिए सुनिश्चित खरीद, स्थिर कीमत, पूंजीगत सहायता, पाइपलाइन कनेक्टिविटी, क्रेडिट सपोर्ट और नई तकनीक के विकास जैसी सुविधाओं का ढांचा तैयार किया जाएगा। सरकार के मुताबिक इससे निजी निवेश को बढ़ावा मिलेगा और देशभर में CBG उत्पादन का नेटवर्क मजबूत होगा।
Modi Government Will Mix Biogas With CNG-PNG:-किसानों और ग्रामीण इलाकों को क्या फायदा?
सरकार के अनुसार, कृषि अवशेष और गोबर जैसे संसाधनों के व्यावसायिक इस्तेमाल से किसानों और ग्रामीण उद्यमियों के लिए अतिरिक्त आय और रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं। CBG प्लांट से निकलने वाली जैविक खाद भी कृषि क्षेत्र के लिए उपयोगी हो सकती है। मार्च 2026 तक 120 CBG/BG प्लांट जैविक खाद की बिक्री के लिए iFMS पोर्टल पर पंजीकृत थे।
Modi Government Will Mix Biogas With CNG-PNG:-ऊर्जा सुरक्षा पर भी फोकस
सरकार के मुताबिक भारत अपनी प्राकृतिक गैस जरूरत का करीब आधा हिस्सा आयात से पूरा करता है। ऐसे में घरेलू स्तर पर CBG उत्पादन बढ़ने से आयातित जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने और देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
यानी GOBARdhan योजना का फोकस सिर्फ गोबर से गैस बनाने तक सीमित नहीं है। सरकार इसे कचरे को ऊर्जा, खाद और ग्रामीण आय में बदलने वाले बड़े राष्ट्रीय मॉडल के तौर पर आगे बढ़ाना चाहती है।
