Rath Yatra 2026:-रथ की रस्सी खींचकर विकास उपाध्याय ने मांगा छत्तीसगढ़ की खुशहाली का आशीर्वाद, रायपुर की कई रथयात्राओं में हुए शामिल

Rath Yatra 2026:-आषाढ़ शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि पर निकाली गई भगवान जगन्नाथ की पावन रथयात्रा में राजधानी रायपुर श्रद्धा और भक्ति के रंग में सराबोर नजर आई। इस अवसर पर कांग्रेस नेता, पूर्व संसदीय सचिव एवं पश्चिम विधानसभा के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित रथयात्राओं में शामिल होकर महाप्रभु जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और माता सुभद्रा के दर्शन किए।

रथयात्रा के दौरान विकास उपाध्याय ने भगवान जगन्नाथ के रथ की रस्सी खींचकर छत्तीसगढ़ प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। उन्होंने श्रद्धालुओं के साथ पूजा-अर्चना कर महाप्रभु के चरणों में शीश नवाया।
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Rath Yatra 2026:-इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था, सेवा और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। मान्यता है कि इस दिन भगवान स्वयं अपने भक्तों के बीच आते हैं, ताकि वे श्रद्धालु भी उनके दर्शन कर सकें जो किसी कारणवश मंदिर नहीं पहुंच पाते।

उन्होंने रथयात्रा के धार्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि पौराणिक मान्यताओं के अनुसार माता सुभद्रा की नगर भ्रमण की इच्छा पूरी करने के लिए भगवान जगन्नाथ (श्रीकृष्ण) और उनके बड़े भाई बलभद्र उन्हें रथ पर बैठाकर नगर भ्रमण के लिए निकले थे। इसी परंपरा के रूप में हर वर्ष भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा पुरी के श्रीमंदिर से गुंडिचा मंदिर (मौसी घर) तक रथयात्रा करते हैं।

Rath Yatra 2026:-विकास उपाध्याय ने कहा कि हिंदू धर्म में ऐसी मान्यता है कि जो श्रद्धालु श्रद्धापूर्वक भगवान के रथ की रस्सी खींचते हैं, उन्हें पुण्य की प्राप्ति होती है और जीवन में सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है। रथयात्रा समाज में समानता और भाईचारे का भी संदेश देती है, क्योंकि इसमें जाति, धर्म और वर्ग के भेदभाव से ऊपर उठकर सभी लोग एक साथ भगवान के रथ को खींचते हैं।

रायपुर में आयोजित रथयात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। जय जगन्नाथ के जयघोष और भक्ति संगीत के बीच पूरे मार्ग पर भक्तिमय वातावरण देखने को मिला।
