CAG Report:-CAG की रिपोर्ट से खुली जल जीवन मिशन की पोल! 29 हजार योजनाओं में सिर्फ 172 पूरी, ‘हर घर जल’ का दावा भी सवालों के घेरे में

CAG Report:-रायपुर। छत्तीसगढ़ में ग्रामीण इलाकों तक हर घर नल से जल पहुंचाने के लिए चलाए जा रहे जल जीवन मिशन (JJM) के क्रियान्वयन पर भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) ने गंभीर सवाल उठाए हैं। मंगलवार को विधानसभा में पेश की गई परफॉर्मेंस ऑडिट रिपोर्ट में योजना निर्माण, वित्तीय प्रबंधन, जलापूर्ति परियोजनाओं, जल गुणवत्ता निगरानी और मिशन की प्रगति में कई बड़ी खामियां सामने आई हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त 2019 में शुरू हुए जल जीवन मिशन का उद्देश्य प्रत्येक ग्रामीण परिवार को फंक्शनल हाउसहोल्ड टैप कनेक्शन (FHTC) उपलब्ध कराना था। मिशन की शुरुआत के समय राज्य के केवल 3.20 लाख ग्रामीण परिवारों (6%) के पास ही नल कनेक्शन था। मार्च 2024 तक यह संख्या बढ़कर 38.97 लाख परिवार (78%) तक पहुंची, लेकिन इस प्रगति के बावजूद छत्तीसगढ़ देशभर में 23वें स्थान पर रहा। इस दौरान मिशन पर 11,034.26 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
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CAG Report:-29 हजार से ज्यादा योजनाएं स्वीकृत, पूरी हुईं सिर्फ 172
CAG रिपोर्ट के मुताबिक राज्य में 29,153 एकल ग्राम जलापूर्ति योजनाएं और 70 बहु-ग्राम योजनाएं स्वीकृत की गई थीं, लेकिन मार्च 2024 तक केवल 172 एकल ग्राम योजनाएं ही पूरी हो सकीं। इनमें भी सिर्फ 32 योजनाओं का संचालन और रखरखाव ग्राम पंचायतों या सामुदायिक संस्थाओं को सौंपा गया।
CAG Report:-‘हर घर जल’ प्रमाणन पर भी सवाल
रिपोर्ट में बताया गया कि मार्च 2024 तक राज्य के सभी 19,656 गांवों को ‘हर घर जल’ प्रमाणित करने का लक्ष्य था, लेकिन केवल 716 गांव (3.64%) ही प्रमाणित हो सके। लेखा परीक्षा में ऐसे मामले भी सामने आए जहां जलापूर्ति योजनाएं पूरी नहीं हुई थीं, फिर भी गांवों को ‘हर घर जल’ घोषित कर दिया गया।
CAG Report:-एक भी जिला नहीं हासिल कर सका 100% लक्ष्य
CAG के अनुसार मार्च 2024 तक राज्य का कोई भी जिला या विकासखंड सभी ग्रामीण परिवारों को शत-प्रतिशत नल कनेक्शन उपलब्ध कराने का लक्ष्य हासिल नहीं कर पाया। धमतरी 98 प्रतिशत कवरेज के साथ सबसे आगे रहा, जबकि बलौदाबाजार में यह आंकड़ा 76 प्रतिशत दर्ज किया गया। कई जिलों में कवरेज 56 से 74 प्रतिशत के बीच रही।
योजना बनाने में भी मिली लापरवाही
रिपोर्ट में कहा गया कि मिशन के तहत बॉटम-अप प्लानिंग की प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। ग्राम कार्ययोजनाएं तैयार किए बिना जिला योजनाएं बना दी गईं और राज्य स्तर की कार्ययोजना भी तैयार नहीं हुई। इससे समुदाय की भागीदारी और दीर्घकालिक जल सुरक्षा की रणनीति कमजोर रही।
CAG Report:-6480 करोड़ रुपये की राशि जुटाने में चूक
मिशन के शुरुआती दो वर्षों में देरी के कारण राज्य 6,480.04 करोड़ रुपये की संभावित राशि जुटाने में सफल नहीं हो सका। इसमें 3,285.38 करोड़ रुपये केंद्र सरकार और 3,194.66 करोड़ रुपये राज्य सरकार की हिस्सेदारी शामिल थी।
CAG Report:-28 हजार से ज्यादा परिवारों को पर्याप्त पानी नहीं
लेखा परीक्षा में पाया गया कि कई सौर ऊर्जा आधारित जलापूर्ति योजनाओं में उपलब्ध क्षमता से अधिक नल कनेक्शन दिए गए। इसका असर यह हुआ कि 28,984 परिवारों को निर्धारित मानकों के अनुसार पर्याप्त पेयजल नहीं मिल पाया।
CAG Report:-जल गुणवत्ता जांच व्यवस्था भी कमजोर
रिपोर्ट में जल परीक्षण प्रयोगशालाओं की स्थिति पर भी चिंता जताई गई है। राज्य की 75 प्रयोगशालाओं में से केवल चार लैब ही पानी की गुणवत्ता के सभी 13 मानकों की जांच करने में सक्षम पाई गईं। वहीं 37 प्रतिशत प्रयोगशालाओं के पास NABL का मान्यता प्रमाणपत्र भी नहीं था।
CAG Report:-CAG की सिफारिशें
रिपोर्ट में सरकार को योजना निर्माण, वित्तीय प्रबंधन, जलापूर्ति परियोजनाओं के समयबद्ध निष्पादन, जल गुणवत्ता निगरानी और संस्थागत व्यवस्था को मजबूत करने की सलाह दी गई है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित और सतत पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सके।
