छत्तीसगढ़

CG News:-खाद-बीज से लेकर बोनस तक… क्या बदल रही है छत्तीसगढ़ की खेती की तस्वीर? साय सरकार के दावों की पड़ताल

CG News:-रायपुर। खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों को समय पर खाद, बीज और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कृषि एवं मौसम विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में निर्देश दिए कि प्रदेश के किसी भी किसान को खाद-बीज की कमी का सामना न करना पड़े। संभावित कम बारिश की स्थिति को देखते हुए सरकार ने वैकल्पिक कृषि रणनीति तैयार करने पर भी काम शुरू कर दिया है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि उर्वरकों का वितरण पूरी तरह पारदर्शी हो और कालाबाजारी पर सख्त नजर रखी जाए। सरकार का दावा है कि खरीफ सीजन के दौरान किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पहले से पर्याप्त तैयारी की गई है।

CG News:-46 हजार टन अतिरिक्त DAP मिलने का दावा

राज्य सरकार के अनुसार, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं रसायन-उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा से अतिरिक्त डीएपी उर्वरक उपलब्ध कराने का आग्रह किया था। इसके बाद छत्तीसगढ़ को 46 हजार टन अतिरिक्त DAP आवंटित किया गया, जिससे खरीफ सीजन में उर्वरक संकट की आशंका कम होने की उम्मीद जताई जा रही है।

CG News:-आधुनिक खेती पर भी सरकार का जोर

सरकार किसानों को पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक और वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित कर रही है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसानों तक समय पर मौसम आधारित सलाह और वैज्ञानिक जानकारी पहुंचाई जाए, ताकि कम वर्षा जैसी परिस्थितियों में भी उत्पादन प्रभावित न हो।

CG News:-भूमिहीन कृषि मजदूरों और किसानों के लिए योजनाएं

सरकार ने भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत भूमिहीन मजदूरों को आर्थिक सहायता देने का दावा किया है। वहीं कृषक उन्नति योजना के माध्यम से धान उत्पादक किसानों को अतिरिक्त आर्थिक लाभ देने की बात कही गई है। सरकार का कहना है कि इन योजनाओं से किसानों की आय बढ़ाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

CG News:-धान खरीदी और किसान हित पर फोकस

राज्य सरकार का कहना है कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी और प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक खरीदी की व्यवस्था से किसानों को बेहतर लाभ मिला है। सरकार का दावा है कि कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता, संसाधनों की उपलब्धता और तकनीकी सहयोग के जरिए किसानों का भरोसा मजबूत हुआ है।

हालांकि इन दावों की वास्तविक सफलता का आकलन खरीफ सीजन के दौरान खाद-बीज की उपलब्धता, वर्षा की स्थिति और किसानों को मिलने वाले वास्तविक लाभ के आधार पर ही स्पष्ट होगा।

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