उत्तरप्रदेश

Ayodhya News:-‘राम मंदिर नहीं, बनिया की दुकान!’ महंत धर्मदास का बड़ा हमला, चंपत राय-गोविंद देव गिरी पर लगाए गंभीर आरोप

Ayodhya News:-श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े कथित चंदा और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। इस बीच अयोध्या के संत महंत धर्मदास ने ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर निर्माण से जुड़े कार्यों में पारदर्शिता नहीं बरती गई और कई फैसलों पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

महंत धर्मदास ने कहा कि “मंदिर नहीं, बनिया की दुकान चलाई जा रही थी। चंपत कंपनी ने मंदिर को व्यापार की तरह चलाया। रामजी उन्हें दंड देंगे। ट्रस्ट के लोगों की नीयत ठीक नहीं थी। जमीन खरीद से लेकर सामान की खरीद तक में घोटाले और कमीशनबाजी हुई।” हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और ट्रस्ट की ओर से इन दावों पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

उन्होंने ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि “वह कथावाचक हैं, कथा करके पैसा कमाते हैं। ऐसे व्यक्ति प्रशासनिक व्यवस्था कैसे संभालेंगे?”

Ayodhya News:-कांग्रेस ने भी साधा निशाना

इधर, कथित चंदा और वित्तीय अनियमितताओं के मुद्दे पर कांग्रेस ने भी केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को घेरा है। पार्टी ने कहा कि यदि मंदिर निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा का श्रेय सरकार और भाजपा ने लिया है, तो अब आरोपों पर जवाबदेही से पीछे नहीं हटना चाहिए।

लखनऊ में आयोजित प्रेस वार्ता में कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि करोड़ों रामभक्त पूरे मामले में जवाब चाहते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मुद्दे पर सार्वजनिक रूप से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। कांग्रेस ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भंग कर निष्पक्ष जांच कराने की भी मांग दोहराई।

Ayodhya News:-क्या है पूरा मामला?

हाल के दिनों में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े कथित चंदा और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हुई है। विपक्ष लगातार निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है, जबकि ट्रस्ट पहले भी विभिन्न आरोपों को खारिज करता रहा है। फिलहाल मामले में किसी सक्षम जांच एजेंसी द्वारा आरोप सिद्ध नहीं हुए हैं और विवाद मुख्यतः आरोप-प्रत्यारोप के स्तर पर बना हुआ है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *