Chhattisgarh Liquor Scam:-3 साल तक फरार… अब EOW की गिरफ्त में कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल! स्पेशल कोर्ट ने 17 जुलाई तक रिमांड पर भेजा, तीन बड़े घोटालों में होगी पूछताछ

Chhattisgarh Liquor Scam:-रायपुर: तीन बहुचर्चित आर्थिक मामलों—कथित शराब घोटाला, कोल लेवी घोटाला और कस्टम मिलिंग घोटाले—में आरोपी वरिष्ठ कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल को गुरुवार को स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने उन्हें 17 जुलाई तक आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) की रिमांड पर भेज दिया। अब EOW इस अवधि के दौरान उनसे तीनों मामलों में विस्तृत पूछताछ करेगी।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता फैजल रिजवी ने बताया कि रिमांड अवधि पूरी होने के बाद EOW दोबारा रामगोपाल अग्रवाल को अदालत में पेश करेगी।
READ MORE:- 15 हजार से 50 हजार तक बढ़ी मांग, फिर छिनी स्कूटी… बेइज्जती नहीं सह सकी 17 वर्षीय छात्रा; IC Mart सील
Chhattisgarh Liquor Scam:-तीन साल से थे फरार
EOW के अनुसार, रामगोपाल अग्रवाल कथित शराब, कोल लेवी और कस्टम मिलिंग मामलों में आरोपी हैं। जांच एजेंसी का दावा है कि वह पिछले करीब तीन वर्षों से फरार थे। उनकी तलाश EOW के साथ-साथ प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी कर रहा था।
रामगोपाल अग्रवाल छत्तीसगढ़ कांग्रेस के कोषाध्यक्ष रह चुके हैं। वह राज्य नागरिक आपूर्ति निगम (NAN) के अध्यक्ष का दायित्व भी संभाल चुके हैं।
Chhattisgarh Liquor Scam:-बेटे से पूछताछ के बाद पहुंचे EOW
कस्टम मिलिंग मामले में EOW ने पहले रामगोपाल अग्रवाल को समन जारी किया था। मंगलवार को उनके बेटे वैभव अग्रवाल से कई घंटे पूछताछ की गई। इसके अगले ही दिन रामगोपाल अग्रवाल स्वयं EOW कार्यालय पहुंचे, जहां उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई और बाद में अदालत में पेश किया गया।
Chhattisgarh Liquor Scam:-क्या है कस्टम मिलिंग घोटाला?
EOW की जांच के मुताबिक वर्ष 2015 से 2023 के बीच धान की कस्टम मिलिंग के लिए राइस मिलर्स को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि में कथित अनियमितताएं हुईं। आरोप है कि नियमों का उल्लंघन कर कुछ चुनिंदा राइस मिलर्स को अनुचित लाभ पहुंचाया गया।
जांच एजेंसी का दावा है कि इस मामले में करीब 127 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता हुई। हालांकि इस मामले में अभी न्यायालय द्वारा आरोप सिद्ध नहीं हुए हैं और जांच जारी है।
Chhattisgarh Liquor Scam:-क्या है कोल लेवी घोटाला?
कोल लेवी घोटाला वर्ष 2020 से 2022 के दौरान कोयला परिवहन से कथित अवैध वसूली से जुड़ा मामला है। ED और EOW का आरोप है कि कोयला कारोबारियों से प्रति टन तय रकम अवैध रूप से वसूली गई।
जांच एजेंसियों के अनुसार इस नेटवर्क के जरिए करीब 540 करोड़ रुपये की अवैध वसूली हुई। मामले में कई अधिकारियों, कारोबारियों और राजनीतिक रूप से जुड़े लोगों के नाम सामने आए हैं। हालांकि इन आरोपों की न्यायिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
Chhattisgarh Liquor Scam:-क्या है शराब घोटाला?
शराब घोटाला राज्य के सबसे चर्चित आर्थिक मामलों में शामिल है। ED और EOW के अनुसार वर्ष 2019 से 2022 के बीच सरकारी शराब बिक्री व्यवस्था में कथित सिंडिकेट बनाकर अवैध शराब बिक्री, कमीशनखोरी और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाया गया।
जांच एजेंसियों का दावा है कि इस कथित घोटाले से करीब 3,200 करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ। मामले में कई आईएएस अधिकारी, आबकारी विभाग के अधिकारी, कारोबारी और राजनीतिक रूप से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। हालांकि, सभी आरोप अभी न्यायिक परीक्षण के अधीन हैं और अंतिम फैसला आना बाकी है।
