JCI Raipur Metro:-GST की धारा 71 और 67 में अंतर जानना हर व्यापारी के लिए जरूरी, भ्रम पड़ सकता है भारी; JCI रायपुर मेट्रो की संगोष्ठी में बोले CA चेतन तारवानी

JCI Raipur Metro:-बदलते कर कानूनों और विभागीय कार्रवाई को लेकर व्यापारियों के बीच फैली भ्रांतियों को दूर करने के उद्देश्य से जेसीआई रायपुर मेट्रो द्वारा सिंधी पंचायत भवन, तिल्दा कैंप में ‘वस्तु एवं सेवा कर (GST) एवं आयकर संगोष्ठी’ का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में व्यापारियों, उद्योगपतियों, उद्यमियों, कर सलाहकारों और विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। संगोष्ठी के मुख्य वक्ता प्रख्यात कर विशेषज्ञ सीए चेतन तारवानी रहे, जिन्होंने जीएसटी और आयकर से जुड़े कानूनी प्रावधानों को सरल एवं व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से समझाया।

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कार्यक्रम का आयोजन जेसीआई रायपुर मेट्रो के अध्यक्ष जेसी तरुण बत्रा, पूर्व अध्यक्ष जेसी सोनू पंजवानी, कार्यक्रम निदेशक जेसी दीपक मेघानी एवं जेसी गिरीश चंद्रवंशी के नेतृत्व में संपन्न हुआ। आयोजकों ने कहा कि व्यापारियों को समय-समय पर कर कानूनों की सही जानकारी उपलब्ध कराना संस्था की प्राथमिकता है, ताकि वे अनावश्यक कानूनी परेशानियों से बच सकें।
JCI Raipur Metro:-GST की धारा 71 और धारा 67 को लेकर सबसे ज्यादा भ्रम
संगोष्ठी का मुख्य विषय GST अधिनियम, 2017 की धारा 71 और धारा 67 के बीच का अंतर रहा। सीए चेतन तारवानी ने कहा कि अधिकांश व्यापारी विभागीय अधिकारियों की हर कार्रवाई को तलाशी (Search) मान लेते हैं, जबकि ऐसा हमेशा नहीं होता।
उन्होंने बताया कि GST अधिनियम की धारा 71 के तहत कर अधिकारी केवल व्यवसाय स्थल पर पहुंचकर अभिलेखों, लेखा-पुस्तकों, कंप्यूटर डेटा और अन्य आवश्यक दस्तावेजों का निरीक्षण एवं परीक्षण कर सकते हैं। इस दौरान उनका उद्देश्य रिकॉर्ड की जांच करना होता है।
वहीं धारा 67 पूरी तरह अलग प्रकृति की कार्रवाई है। यदि सक्षम अधिकारी के पास पर्याप्त कारण और कानूनी आधार मौजूद हों, तो वह निरीक्षण, तलाशी (Search) और आवश्यक होने पर माल, दस्तावेज या अन्य वस्तुओं की जब्ती (Seizure) की कार्रवाई भी कर सकता है। इसलिए प्रत्येक व्यापारी को यह समझना चाहिए कि उसके प्रतिष्ठान पर किस धारा के अंतर्गत कार्रवाई हो रही है और उस स्थिति में उसके कानूनी अधिकार एवं दायित्व क्या हैं।
JCI Raipur Metro:-घबराएं नहीं, कानून की जानकारी रखें
सीए चेतन तारवानी ने कहा कि विभागीय कार्रवाई के दौरान घबराने की बजाय कानून की सही जानकारी रखते हुए अधिकारियों का सहयोग करना चाहिए। उन्होंने व्यापारियों को नियमित रूप से लेखा-जोखा संधारित करने, समय पर जीएसटी रिटर्न एवं आयकर विवरणियां दाखिल करने और सभी आवश्यक दस्तावेज व्यवस्थित रखने की सलाह दी।
उन्होंने यह भी कहा कि कर कानूनों की जानकारी होने से व्यापारी न केवल अपने अधिकारों की रक्षा कर सकते हैं, बल्कि अनावश्यक विवादों और आर्थिक नुकसान से भी बच सकते हैं।
JCI Raipur Metro:-इन विषयों पर भी हुई विस्तृत चर्चा
संगोष्ठी के दौरान विशेषज्ञों ने कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी, जिनमें शामिल रहे—
| प्रमुख विषय | चर्चा का केंद्र |
|---|---|
| GST धारा 71 | निरीक्षण एवं रिकॉर्ड परीक्षण |
| GST धारा 67 | तलाशी और जब्ती की प्रक्रिया |
| इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) | दावा करने के नियम एवं सावधानियां |
| ई-वे बिल | अनुपालन और सामान्य त्रुटियां |
| विभागीय कार्रवाई | करदाताओं के अधिकार एवं जिम्मेदारियां |
| आयकर | नए प्रावधान एवं व्यावहारिक पहलू |
प्रतिभागियों ने बताया उपयोगी कार्यक्रम
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने संगोष्ठी को अत्यंत ज्ञानवर्धक और व्यवहारिक बताया। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे कर जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाने की अपेक्षा व्यक्त की।
समापन अवसर पर जेसीआई रायपुर मेट्रो ने सभी अतिथियों, वक्ताओं और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संस्था आगे भी व्यापारियों और करदाताओं को कानून संबंधी सही एवं प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए ऐसे जनहितकारी कार्यक्रम आयोजित करती रहेगी।
