Political News:-100 से ज्यादा समर्थक, फिर भी ‘जीरो’ वोट! MLC चुनाव में कांग्रेस की ऐसी हार, जिसने सबको चौंका दिया

Political News:-महाराष्ट्र के अमरावती स्थानीय प्राधिकरण क्षेत्र के विधान परिषद (MLC) चुनाव में कांग्रेस को बड़ी शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा है। हैरानी की बात यह रही कि पार्टी के उम्मीदवार हर्षजीत देशमुख को एक भी वोट नहीं मिला, जबकि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के पास इस क्षेत्र में 100 से अधिक जनप्रतिनिधियों का समर्थन माना जा रहा था।
इस अप्रत्याशित नतीजे ने कांग्रेस के भीतर क्रॉस-वोटिंग और संगठनात्मक कमजोरी को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि पार्टी के कुछ समर्थक वोटर भाजपा या अन्य उम्मीदवारों के पक्ष में चले गए।
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Political News:-चुनाव में भाजपा उम्मीदवार प्रवीण पोटे पाटिल ने जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार अपना खाता तक नहीं खोल सके। इससे पार्टी के अंदरूनी तालमेल और नेतृत्व की रणनीति पर भी सवाल उठने लगे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस के मूल उम्मीदवार के अंतिम समय में चुनाव मैदान से हटने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं में भ्रम की स्थिति बन गई थी। बाद में पार्टी ने अपने सदस्यों को वोट न देने का निर्देश भी दिया, लेकिन चुनाव परिणामों ने संकेत दिया कि कई नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने पार्टी लाइन का पालन नहीं किया।
मामला तब और विवादित हो गया जब मतगणना के दौरान छह वोट अमान्य घोषित कर दिए गए। इनमें एक मतपत्र पर गलत निशान था, जबकि पांच मतपत्र खाली पाए गए। इसके बाद जानबूझकर वोट खराब करने और अंदरूनी असंतोष की चर्चाएं तेज हो गईं।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने भी स्वीकार किया कि स्थानीय स्तर पर गुटबाजी और समन्वय की कमी इस हार की बड़ी वजह रही। वहीं, पार्टी के महासचिव किशोर बोरकर ने चुनाव प्रबंधन से जुड़े नेताओं पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पूरी प्रक्रिया में संगठनात्मक स्तर पर कई बड़ी गलतियां हुईं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह परिणाम कांग्रेस के लिए सिर्फ एक चुनावी हार नहीं, बल्कि संगठन के भीतर बढ़ती चुनौतियों का संकेत भी है, खासकर विदर्भ क्षेत्र में जहां भाजपा लगातार अपनी पकड़ मजबूत करती जा रही है।
