Credit Card Overlimit:-क्रेडिट कार्ड की लिमिट खत्म? तब काम आती है यह ‘सीक्रेट’ सुविधा, लेकिन एक गलती पड़ सकती है भारी!

Credit Card Overlimit:-कई बार ऐसी स्थिति आ जाती है जब क्रेडिट कार्ड की तय लिमिट पूरी तरह इस्तेमाल हो चुकी होती है, लेकिन अचानक मेडिकल इमरजेंसी, यात्रा या किसी जरूरी खर्च के लिए अतिरिक्त पैसों की जरूरत पड़ जाती है। ऐसे समय में क्रेडिट कार्ड ओवरलिमिट सुविधा राहत का विकल्प बन सकती है। हालांकि यह सुविधा जितनी फायदेमंद दिखती है, उतनी ही सावधानी भी मांगती है।
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क्रेडिट कार्ड ओवरलिमिट सुविधा के तहत कार्डधारक अपनी निर्धारित क्रेडिट लिमिट से अधिक खर्च कर सकता है। यह कोई स्थायी लिमिट बढ़ोतरी नहीं होती, बल्कि बैंक या कार्ड जारीकर्ता की मंजूरी के आधार पर सीमित अवधि के लिए अतिरिक्त खर्च की अनुमति दी जाती है।
Credit Card Overlimit:-विशेषज्ञों के अनुसार, यह सुविधा मेडिकल इमरजेंसी, जरूरी यात्रा, दुर्घटना या घर की आकस्मिक मरम्मत जैसे हालात में बेहद उपयोगी साबित हो सकती है। जब तत्काल नकदी उपलब्ध न हो और भुगतान करना जरूरी हो, तब ओवरलिमिट सुविधा आर्थिक दबाव को कुछ हद तक कम कर सकती है।
हालांकि, इसका उपयोग करने से पहले इसके खर्च को समझना जरूरी है। अधिकांश बैंक ओवरलिमिट राशि पर अतिरिक्त शुल्क वसूलते हैं, जो आमतौर पर 2.5% से 3% तक हो सकता है। कई मामलों में न्यूनतम शुल्क 500 से 600 रुपये तक निर्धारित रहता है। इसके अलावा इन शुल्कों पर जीएसटी भी लागू होता है, जिससे कुल लागत और बढ़ जाती है।
वित्तीय जानकारों का कहना है कि ओवरलिमिट का लगातार उपयोग करने से क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेशियो बढ़ जाता है। यदि समय पर भुगतान नहीं किया गया तो इसका सीधा असर क्रेडिट स्कोर पर पड़ सकता है। खराब क्रेडिट स्कोर भविष्य में लोन और अन्य वित्तीय सुविधाएं प्राप्त करने में परेशानी पैदा कर सकता है।
Credit Card Overlimit:-ऐसे में ओवरलिमिट सुविधा को केवल आपातकालीन परिस्थितियों में ही इस्तेमाल करना समझदारी माना जाता है। इसका लाभ तभी है जब अतिरिक्त खर्च की गई राशि का भुगतान समय पर कर दिया जाए। अन्यथा यह सुविधा राहत के बजाय अतिरिक्त आर्थिक बोझ बन सकती है।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि ओवरलिमिट सुविधा का उपयोग करने से पहले बैंक के शुल्क, ब्याज दर, टैक्स और भुगतान शर्तों की पूरी जानकारी जरूर लें। साथ ही अपनी भुगतान क्षमता का आकलन करने के बाद ही अतिरिक्त खर्च करें।