Bengal Politics:-“वहां सिर्फ ईंटें रखी हैं…”मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद निर्माण पर अभिषेक बनर्जी का बयान, बीजेपी और चुनाव आयोग पर साधा निशाना

Bengal Politics:-तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद अभिषेक बनर्जी ने मुर्शिदाबाद में बन रही नई बाबरी मस्जिद को लेकर चल रही राजनीति पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने साफ कहा कि धार्मिक स्थलों को राजनीति का हथियार नहीं बनाया जाना चाहिए।
अभिषेक बनर्जी ने केंद्र सरकार, भारतीय जनता पार्टी (BJP) और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि कुछ नेता जानबूझकर सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
Bengal Politics:-बाबरी मस्जिद निर्माण पर क्या बोले अभिषेक बनर्जी?
अभिषेक बनर्जी ने कहा कि उन्होंने खुद मौके पर जाकर देखा है,
“वहां सिर्फ ईंटें रखी हैं, कोई बड़ा निर्माण नहीं हो रहा।”
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ नेता झूठी बातें फैलाकर समाज में तनाव पैदा करना चाहते हैं।
हुमायूं कबीर पर सीधा हमला
अभिषेक ने हुमायूं कबीर पर निशाना साधते हुए कहा कि—
जो नेता कभी बीजेपी के उम्मीदवार रह चुके हों,
उन्हें उस पार्टी से जुड़ने में आपत्ति नहीं हुई जिसने बाबरी मस्जिद गिराने की राजनीति की।
Bengal Politics:-बीजेपी पर गंभीर आरोप
अभिषेक बनर्जी ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि—
- पार्टी धार्मिक और संवेदनशील मुद्दों पर राजनीति करती है
- पुलवामा हमले जैसे गंभीर समय में भी राजनीतिक पोस्टर लगाए गए
- शहीदों के नाम पर राजनीति की जा रही है
उन्होंने गृहमंत्री अमित शाह से सवाल किया कि
बांग्लादेश में हो रही हिंसा पर केंद्र सरकार चुप क्यों है?
SIR प्रक्रिया और चुनाव आयोग पर सवाल
अभिषेक बनर्जी ने SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि—
गुजरात, तमिलनाडु, छत्तीसगढ़ और केरल में लाखों मतदाताओं के नाम हटाए गए,
फिर भी सवाल सिर्फ बंगाल पर उठाए जा रहे हैं।
1.36 करोड़ मतदाताओं की सूची सार्वजनिक करने की मांग
अभिषेक बनर्जी ने चुनाव आयोग से मांग की कि—
- 1.36 करोड़ कथित फर्जी मतदाताओं की पूरी सूची जारी की जाए
- बताया जाए कि इनमें कितने रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिक हैं
- अगर सूची नहीं दी जाती, तो चुनाव आयोग माफी मांगे
उन्होंने दावा किया कि
कई जिंदा लोगों को मृत दिखाया गया है,
और इसके जिला स्तर के सबूत उनके पास मौजूद हैं।
आगे की राजनीतिक रणनीति
घोषित कार्यक्रम
| तारीख | कार्यक्रम |
|---|---|
| 31 दिसंबर | दिल्ली में चुनाव आयोग से मुलाकात |
| 31 दिसंबर | बैठक का लाइव टेलीकास्ट मांग |
| सूची जारी नहीं हुई | चुनाव आयोग कार्यालय का घेराव |
| 1 जनवरी | राजनीतिक गतिविधियों की शुरुआत |
| 2 जनवरी से | जिलों में रैलियां और जनसभाएं |
अभिषेक ने कहा कि—
वे जनता के सामने ममता सरकार के 15 साल का रिपोर्ट कार्ड रखेंगे।
यह आंदोलन बंगाल के अपमान और राज्य पर हो रहे हमलों के खिलाफ होगा।
