Liquor Scam:-आबकारी घोटाला मामला : पूर्व IAS अनिल टुटेजा और अनवर ढेबर समेत 5 आरोपियों को हाईकोर्ट से जमानत

Liquor Scam:-छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित आबकारी घोटाला मामले में बड़ी कानूनी राहत सामने आई है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने लंबे समय से जेल में बंद अनिल टुटेजा और कारोबारी अनवर ढेबर समेत कुल पांच आरोपियों को जमानत दे दी है।
यह आदेश जस्टिस अरविंद वर्मा की एकल पीठ ने जारी किया। आरोपियों की ओर से अधिवक्ता हर्षवर्धन परगनिहा और शशांक मिश्रा ने पक्ष रखा।
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Liquor Scam:-किन-किन आरोपियों को मिली जमानत
| क्रम | नाम | स्थिति |
|---|---|---|
| 1 | अनिल टुटेजा (पूर्व IAS) | जमानत मिली |
| 2 | अनवर ढेबर (कारोबारी) | जमानत मिली |
| 3 | नितेश पुरोहित | जमानत मिली |
| 4 | यश पुरोहित | जमानत मिली |
| 5 | दीपेंद्र चावला | जमानत मिली |
अब भी जेल से बाहर नहीं आ सकेंगे टुटेजा और ढेबर
हालांकि जमानत मिलने के बावजूद अनिल टुटेजा और अनवर ढेबर फिलहाल जेल से बाहर नहीं आ पाएंगे।
इसका कारण यह है कि दोनों को ईओडब्ल्यू ने 550 करोड़ रुपये के डीएमएफ घोटाले में भी आरोपी बनाया है, जिसमें उन्हें अभी जमानत नहीं मिली है।
वहीं अन्य तीन आरोपी — नितेश पुरोहित, यश पुरोहित और दीपेंद्र चावला — जेल से रिहा हो सकेंगे।
Liquor Scam:-अब तक की कानूनी प्रक्रिया
| स्तर | फैसला |
|---|---|
| सत्र न्यायालय | जमानत खारिज |
| हाईकोर्ट (पहली बार) | जमानत खारिज |
| सुप्रीम कोर्ट | जमानत याचिका खारिज |
| सुप्रीम कोर्ट का निर्देश | 5 माह बाद फिर आवेदन की अनुमति |
| हाईकोर्ट (दूसरी बार) | जमानत मंजूर |
क्या है छत्तीसगढ़ का शराब (आबकारी) घोटाला?
2019 से 2023 के बीच, छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान शराब नीति में बड़े बदलाव किए गए। जांच एजेंसियों के अनुसार—
- शराब सप्लाई कुछ चहेती कंपनियों को देने के लिए नियम बदले गए
- नकली होलोग्राम और सील बनवाकर शराब की बिक्री कराई गई
- यह होलोग्राम नोएडा की एक निजी कंपनी से बनवाए गए
- नकली होलोग्राम वाली शराब सरकारी दुकानों से बेची गई
- सरकार को बिक्री की जानकारी नहीं मिल पाई, जिससे एक्साइज टैक्स नहीं दिया गया
इससे सरकार को करीब 2165 करोड़ रुपये के टैक्स नुकसान का अनुमान है।
जांच में यह भी आरोप है कि घोटाले की रकम नेताओं, अधिकारियों और अन्य लोगों तक पहुंचाई गई।
इस मामले में अब तक कौन-कौन गिरफ्तार हुआ
- कवासी लखमा – पूर्व आबकारी मंत्री
- चैतन्य बघेल – पूर्व मुख्यमंत्री के पुत्र
- अनिल टुटेजा – पूर्व IAS
- अनवर ढेबर – कारोबारी
- आबकारी विभाग के 28 अधिकारी (जिन्हें सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल चुकी है)
