Chhattisgarh News:-आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को साड़ी वितरण में गड़बड़ी पर एक्शन, मानक से कम होने पर बदली जाएंगी साड़ियां

Chhattisgarh News:-महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को साड़ी वितरण तय मापदंड और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत किया गया है। हालांकि, जहां-जहां गड़बड़ी सामने आई है, वहां सुधार की कार्रवाई तेज कर दी गई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि मानक के अनुरूप नहीं होने वाली साड़ियों को बदला जाएगा।
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Chhattisgarh News:-क्या है पूरा मामला?
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को दी गई साड़ियों की गुणवत्ता और लंबाई को लेकर कई जिलों से शिकायतें मिली थीं। इसके बाद विभाग ने तुरंत संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी।
Chhattisgarh News:-साड़ी वितरण से जुड़ी मुख्य जानकारी
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| प्रति वर्ष साड़ी | 2 साड़ी (प्रति कार्यकर्ता/सहायिका) |
| प्रति साड़ी लागत | ₹500 |
| कुल साड़ियों की संख्या | करीब 1.94 लाख |
| निर्धारित लंबाई | 5.50 मीटर |
| ब्लाउज पीस सहित | 6.30 मीटर |
Chhattisgarh News:-जांच में क्या सामने आया?
- दुर्ग, धमतरी, रायगढ़ और कबीरधाम जिलों से शिकायतें मिलीं
- साड़ी की लंबाई कम होने की शिकायत
- धागा निकलने और रंग छोड़ने की समस्या
- जांच में कुछ साड़ियों में बुनाई और लंबाई की कमी पाई गई
गुणवत्ता जांच कैसे हुई?
साड़ियों की आपूर्ति से पहले सैंपल की जांच मुंबई की तकनीकी एजेंसी राइट्स लिमिटेड द्वारा कराई गई थी, जिसमें गुणवत्ता सही पाई गई थी।
Chhattisgarh News:-विभाग का क्या कहना है?
- कॉटन साड़ी होने के कारण पहली धुलाई में रंग छोड़ने की शिकायत कुछ जगहों पर आई
- बाद में रंग सामान्य हो गया
- सभी जिलों को दोबारा जांच के निर्देश जारी
अब क्या होगा?
- जिन साड़ियों में खामी पाई जाएगी, उन्हें बदला जाएगा
- खादी एवं ग्रामोद्योग से जुड़ी एजेंसी को नई साड़ियां देने के निर्देश
- किसी भी हितग्राही को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा
सरकार का संदेश
महिला एवं बाल विकास विभाग ने साफ कहा है कि सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को तय मानकों के अनुसार ही साड़ियां उपलब्ध कराई जाएंगी।
