CG Board:-CBSE के नाम पर एडमिशन, अब CG बोर्ड का दबाव! स्कूलों की मनमानी पर हाईकोर्ट सख्त, शिक्षा सचिव से मांगा जवाब

CG Board:-शहर के कुछ निजी स्कूलों की मनमानी अब सवालों के घेरे में आ गई है। ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल और नारायणा टेक्नो स्कूल पर आरोप है कि उन्होंने CBSE का नाम लेकर बच्चों का एडमिशन लिया, लेकिन बाद में CG बोर्ड की परीक्षा देने का दबाव बना दिया।
इस मामले को हाईकोर्ट में चल रही शिक्षा के अधिकार (RTE) की सुनवाई के दौरान उठाया गया। कोर्ट ने इसे गंभीर मानते हुए स्कूल शिक्षा सचिव से जवाब मांगा है।
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CG Board:-हाईकोर्ट में क्या हुआ?
| बिंदु | जानकारी |
|---|---|
| याचिकाकर्ता | भिलाई निवासी सीवी भगवंत |
| मुद्दा | निजी स्कूलों की मनमानी और गरीब बच्चों को प्रवेश न देना |
| कोर्ट का रुख | मामले को गंभीर मानते हुए जवाब तलब |
| अगली सुनवाई | 8 अप्रैल |
CG Board:-क्या है पूरा मामला?
- स्कूलों ने CBSE पाठ्यक्रम बताकर एडमिशन दिया
- पूरे साल पढ़ाई और परीक्षा लेने के बाद अचानक CG बोर्ड परीक्षा का आदेश
- बच्चों को सिर्फ 1 दिन पहले सूचना दी गई
- बिना तैयारी के दोबारा परीक्षा देने का दबाव
-इससे नाराज़ अभिभावकों ने कलेक्टर बंगले का घेराव भी किया।
CG Board:-अभिभावकों की शिकायतें:
- पहले ही परीक्षा हो चुकी थी, फिर दोबारा क्यों?
- बच्चों को तैयारी का समय नहीं मिला
- CBSE के नाम पर गुमराह किया गया
- ज्यादा फीस वसूली गई
CG Board:-स्कूलों पर लगे मुख्य आरोप
| आरोप | विवरण |
|---|---|
| गलत जानकारी | CBSE का नाम लेकर एडमिशन |
| दोहरी परीक्षा | पहले स्कूल परीक्षा, फिर बोर्ड परीक्षा |
| कम समय | सिर्फ 1 दिन पहले सूचना |
| ज्यादा फीस | CBSE के नाम पर भारी शुल्क |
CG Board:-CBSE मान्यता को लेकर बड़ा खुलासा
- कक्षा 1 से 8 तक CBSE की मान्यता नहीं होती
- यह मान्यता कक्षा 9 से 12 तक ही मिलती है
- जिला शिक्षा अधिकारी के अनुसार,
-1 से 8 तक के स्कूल राज्य सरकार के नियमों से चलते हैं
-नारायणा टेक्नो स्कूल ने अभी तक CBSE से जुड़ा कोई आधिकारिक दस्तावेज़ जमा नहीं किया है।
CG Board:-डराने-धमकाने के आरोप
अभिभावकों का आरोप है कि जब वे विरोध करते हैं तो स्कूल प्रबंधन उन्हें कानूनी कार्रवाई और गैर-जमानती केस की धमकी देता है।
CG Board:-आगे क्या?
हाईकोर्ट ने शिक्षा सचिव को शपथपत्र में जवाब देने का आदेश दिया है।
-अगली सुनवाई 8 अप्रैल को होगी, जहां इस मामले पर बड़ा फैसला आ सकता है।
