छत्तीसगढ़

CG News:-पटवारियों की हड़ताल से अटके जमीन के काम! 9 दिन बाद भी नहीं निकला रास्ता, वेतन से PV ऐप तक इन मांगों पर आर-पार

CG News:-छत्तीसगढ़ में पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल से राजस्व व्यवस्था पर असर पड़ रहा है। 13 अक्टूबर से आंदोलन कर रहे राजस्व पटवारी संघ के सदस्य अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेश के विभिन्न जिलों में प्रदर्शन कर रहे हैं। 22 अक्टूबर तक हड़ताल जारी रहने से जमीन से जुड़े जरूरी काम कराने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि शासन और पटवारी संघ के बीच गतिरोध कब खत्म होगा।

CG News:-PV ऐप बना विवाद की बड़ी वजह

पटवारियों की नाराजगी की प्रमुख वजह फसलों के भौतिक सत्यापन के लिए इस्तेमाल किए जा रहे PV (फिजिकल वेरिफिकेशन) ऐप से जुड़ी तकनीकी और व्यावहारिक समस्याएं हैं। पटवारी संघ का कहना है कि जमीनी परिस्थितियों के अनुरूप इन समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए। ऐप के जरिए काम करने की प्रक्रिया और इसके विरोध के दौरान की गई कार्रवाई को लेकर भी पटवारी नाराजगी जता रहे हैं।

CG News:-वेतन, प्रमोशन और कार्रवाई वापसी की मांग

राजस्व पटवारी संघ ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन शुरू किया है। उनकी प्रमुख मांगें हैं:

  • वेतन विसंगति दूर हो: लंबे समय से लंबित वेतन संबंधी समस्याओं का निराकरण किया जाए।
  • पदोन्नति का लाभ मिले: पात्र पटवारियों को नियमानुसार राजस्व निरीक्षक पद पर पदोन्नति का अवसर दिया जाए।
  • PV ऐप की समस्याएं सुलझें: फसल सत्यापन के दौरान आने वाली तकनीकी और व्यावहारिक दिक्कतों का समाधान किया जाए।
  • निलंबन और तबादले की कार्रवाई वापस हो: संघ ने संबंधित कार्रवाई वापस लेने की मांग उठाई है।

पटवारियों का कहना है कि इन समस्याओं का समाधान होने से कामकाज को सुचारु बनाने में मदद मिलेगी। वहीं, शासन की ओर से इन मांगों पर ठोस समाधान निकलना अभी अहम सवाल बना हुआ है।

CG News:-आम जनता की बढ़ी मुश्किलें, जमीन से जुड़े काम प्रभावित

पटवारियों की हड़ताल का असर केवल विभागीय कामकाज तक सीमित नहीं है। जमीन के दस्तावेज, राजस्व अभिलेखों में सुधार, नामांतरण और अन्य राजस्व संबंधी प्रक्रियाओं के लिए पटवारी कार्यालयों पर निर्भर लोगों को देरी का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में जिन नागरिकों के जरूरी काम लंबित हैं, उनकी चिंता बढ़ना स्वाभाविक है।

हड़ताल लंबी चलने पर किसानों और आम नागरिकों को भी परेशानी हो सकती है। खासकर जमीन से जुड़े ऐसे मामलों में, जहां समय पर दस्तावेज या राजस्व संबंधी प्रक्रिया पूरी होना जरूरी है, देरी का असर दूसरे कामों पर भी पड़ सकता है।

CG News:-अब सरकार के फैसले पर टिकी निगाहें

पटवारियों की मांगों और आम जनता की परेशानियों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि इस आंदोलन का समाधान कब निकलेगा। एक ओर कर्मचारी अपनी लंबित मांगों के निराकरण पर अड़े हैं, तो दूसरी ओर राजस्व संबंधी कामों के लिए लोगों को राहत का इंतजार है।

फिलहाल हड़ताल समाप्त होने को लेकर किसी अंतिम निर्णय की पुष्टि नहीं है। अब देखना होगा कि शासन-प्रशासन और राजस्व पटवारी संघ के बीच बातचीत से कोई रास्ता निकलता है या प्रदेश में राजस्व कार्यों पर असर आगे भी जारी रहता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *