Bastar Dussehra 2026:-बस्तर दशहरा में मातम! विजय रथ के पहिए के नीचे दबने से व्यक्ति की मौत, परिक्रमा से पहले थमा उत्सव

Bastar Dussehra 2026:-छत्तीसगढ़ के विश्वप्रसिद्ध बस्तर दशहरा में भीतर रैनी की रस्म से पहले एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। जानकारी के मुताबिक, आठ पहियों वाले विशाल विजय रथ के पहिए की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक की पहचान फिलहाल सामने नहीं आई है। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और एहतियातन विजय रथ को रोक दिया गया।
बताया जा रहा है कि घटना के समय रथ की परिक्रमा शुरू होने से पहले बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग मौजूद थे। इसी दौरान एक व्यक्ति रथ के पहिए के नीचे आ गया। घटना की सूचना मिलने पर मौके पर एंबुलेंस बुलाई गई। हालांकि, हादसे के कारणों और मृतक की पहचान को लेकर आधिकारिक जानकारी की पुष्टि होना बाकी है।
Bastar Dussehra 2026:-परिक्रमा से पहले हुआ हादसा, रोका गया विजय रथ
बस्तर दशहरा की भीतर रैनी रस्म में आठ पहियों वाले विशाल विजय रथ की परिक्रमा कराई जाती है। इस आयोजन को देखने के लिए हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु जगदलपुर पहुंचते हैं। रथ के आसपास उमड़ने वाली भीड़ के बीच सुरक्षा व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण होती है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसा परिक्रमा शुरू होने से पहले हुआ। घटना के बाद रथ को रोक दिया गया। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और प्रशासन की ओर से आगे क्या कार्रवाई की गई।

Bastar Dussehra 2026:-माता दंतेश्वरी के छत्र को रथ पर विराजित करने से पहले हादसा
बस्तर दशहरा की परंपराओं में मावली परघाव का विशेष महत्व है। इस रस्म में माता मावली और माता दंतेश्वरी की डोली का स्वागत किया जाता है। इसके बाद भीतर रैनी के दौरान आठ पहियों वाले विजय रथ की परिक्रमा होती है।
बस्तर दशहरा देश के अन्य दशहरा आयोजनों से अलग है। यहां उत्सव का केंद्र माता दंतेश्वरी की आराधना, जनजातीय परंपराएं और सदियों पुरानी सांस्कृतिक विरासत है। यह पर्व लगभग 75 दिनों तक चलने वाले आयोजनों के लिए भी जाना जाता है।

Bastar Dussehra 2026:-भारी भीड़ के बीच सुरक्षा पर उठे सवाल
बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में रथ के आसपास भीड़ को नियंत्रित करना और लोगों के लिए सुरक्षित दूरी सुनिश्चित करना जरूरी होता है। इस घटना के बाद आयोजन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।
हालांकि, हादसे की परिस्थितियों और जिम्मेदारी को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक जांच और प्रशासनिक जानकारी का इंतजार करना जरूरी है।
