छत्तीसगढ़

Chhattisgarh News:-फसल बीमा की रकम पर 75% कमीशन मांगने का आरोप! कांकेर में दो कृषि अधिकारी ACB के जाल में

Chhattisgarh News:-किसानों को फसल नुकसान के बाद बीमा राशि दिलाने के नाम पर कथित रिश्वत मांगने का मामला सामने आया है। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के आमाबेड़ा क्षेत्र में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने दो ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों के खिलाफ ट्रैप कार्रवाई की है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, दोनों अधिकारियों पर किसानों से फसल बीमा की राशि जारी कराने के बदले अवैध रूप से पैसे मांगने का आरोप है।

Chhattisgarh News:-कौन हैं गिरफ्तार किए गए अधिकारी?

रिपोर्टों में आरोपियों की पहचान सुंदर लाल बच्छड़ और प्रवीण चंद्राकर के रूप में बताई गई है। दोनों आमाबेड़ा क्षेत्र में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के पद पर कार्यरत बताए गए हैं। एसीबी की कार्रवाई 14 अक्टूबर को की गई। हालांकि, रिश्वत की रकम को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में ₹10,000 और ₹20,000 का उल्लेख है, इसलिए इसकी आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है।

Chhattisgarh News:-फसल बीमा के बदले रिश्वत मांगने का आरोप

मामला आमाबेड़ा तहसील क्षेत्र के आलानार गांव के किसानों से जुड़ा बताया जा रहा है। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, किसानों ने फसल बीमा की राशि प्राप्त करने के लिए अधिकारियों से संपर्क किया था। इसी दौरान कथित तौर पर बीमा भुगतान से संबंधित काम कराने के बदले रिश्वत मांगी गई।

आपके उपलब्ध कराए गए विवरण में किसान सगाऊ राम कोमरा की बीमा राशि ₹90,000 और कुल बीमा राशि का 75 प्रतिशत हिस्सा मांगे जाने का आरोप है। इस हिसाब से कथित मांग ₹67,500 होती है। हालांकि, इस विशेष दावे की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध रिपोर्ट से नहीं हो सकी है।

Chhattisgarh News:-शिकायत के बाद ACB ने बिछाया जाल

रिपोर्ट के अनुसार, किसानों ने कथित रिश्वत मांग से परेशान होकर एंटी करप्शन ब्यूरो से शिकायत की। शिकायत का सत्यापन करने के बाद टीम ने ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई। इसके बाद दोनों अधिकारियों को कथित रिश्वत लेते हुए पकड़े जाने की जानकारी सामने आई है।

Chhattisgarh News:-भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई

मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत कार्रवाई किए जाने की जानकारी दी गई है। आरोपियों के विरुद्ध आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी होने की बात कही गई है। मामले से जुड़े सभी आरोपों और कार्रवाई के अंतिम विवरण की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।

किसानों के लिए जरूरी बात: फसल बीमा की राशि दिलाने के नाम पर कोई अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत मांगता है, तो किसान संबंधित भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में शिकायत कर सकते हैं। शिकायत से जुड़े दस्तावेज और उपलब्ध साक्ष्य सुरक्षित रखना उपयोगी हो सकता है।

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