राजनीति

Political News:-JNU का बड़ा एक्शन: कांग्रेस सांसद बिमोल अकोइजम बर्खास्त, 11 छात्राओं की शिकायतों के बाद कार्रवाई

Political News:-जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) ने कांग्रेस सांसद और प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजम को विश्वविद्यालय की सेवा से बर्खास्त कर दिया है। यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़े इस मामले में विश्वविद्यालय की आंतरिक समिति ने जांच की थी और कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की थी। इसके बाद 9 अक्टूबर को कुलपति शांतिश्री डी. पंडित की ओर से बर्खास्तगी का आदेश जारी किया गया। यह कार्रवाई तत्काल प्रभाव से लागू की गई है।

Political News:-11 छात्राओं की शिकायतों के बाद जांच

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, प्रोफेसर अकोइजम के खिलाफ 11 छात्राओं ने यौन उत्पीड़न से संबंधित शिकायतें की थीं। इन शिकायतों के सामने आने के बाद विश्वविद्यालय की आंतरिक समिति ने मामले की जांच की। समिति की जांच और रिपोर्ट के आधार पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने उनके खिलाफ कार्रवाई का फैसला लिया।

Political News:-सेवा नियमों के तहत हुई कार्रवाई

विश्वविद्यालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया कि आंतरिक समिति ने अपनी जांच के निष्कर्षों के आधार पर प्रोफेसर के खिलाफ कड़ी सजा की सिफारिश की थी। इसके बाद उपलब्ध तथ्यों और समिति की रिपोर्ट पर विचार करते हुए उन्हें विश्वविद्यालय की सेवा से बर्खास्त कर दिया गया।

यह आदेश केंद्रीय सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमों के नियम 11(ix) सहित संबंधित सेवा नियमों का हवाला देते हुए जारी किया गया।

Political News:-कौन हैं अंगोमचा बिमोल अकोइजम?

अंगोमचा बिमोल अकोइजम मणिपुर की इनर मणिपुर लोकसभा सीट से कांग्रेस के सांसद हैं। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर जीत हासिल की थी। सांसद बनने से पहले और उसके साथ वे जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज के सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ सोशल सिस्टम्स में प्रोफेसर के रूप में कार्यरत थे।

Political News:-क्या सांसद की सदस्यता भी खत्म होगी?

इस मामले में एक महत्वपूर्ण बात यह है कि विश्वविद्यालय से बर्खास्तगी और लोकसभा की सदस्यता समाप्त होना दो अलग-अलग विषय हैं। JNU के आदेश में अकोइजम को विश्वविद्यालय की सेवा से हटाने की बात कही गई है। केवल इस आदेश के आधार पर उनकी सांसद की सदस्यता समाप्त होने का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।

इस घटनाक्रम ने विश्वविद्यालयों में यौन उत्पीड़न की शिकायतों की जांच और जवाबदेही को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज कर दी है। मामले से संबंधित आगे की प्रतिक्रिया और किसी संभावित कानूनी चुनौती पर भी नजर रहेगी।

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