GST 2.0:- टैक्स व्यवस्था में बड़े बदलाव, अधिकारियों की गिरफ्तारी शक्ति खत्म; 5 करोड़ तक बढ़ी मुकदमे की सीमा

GST 2.0:-GST काउंसिल की 57वीं बैठक में कारोबारियों और टैक्सपेयर्स के लिए कई अहम सुधारों को मंजूरी दी गई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हुई बैठक में GST की दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया। इस बार फोकस टैक्स रेट के बजाय GST की प्रक्रिया को आसान बनाने, अनुपालन का बोझ घटाने और कारोबारियों को राहत देने पर रहा।
बैठक में सबसे बड़ा फैसला GST अधिकारियों की गिरफ्तारी की शक्ति खत्म करने का रहा। इसके साथ ही GST मामलों में आपराधिक मुकदमा शुरू करने की सीमा को 1 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये कर दिया गया है। यानी 5 करोड़ रुपये से कम की टैक्स चोरी के मामलों में आपराधिक अभियोजन की मौजूदा सीमा लागू नहीं होगी।
GST 2.0:-रिफंड प्रक्रिया होगी तेज
GST रिफंड को लेकर भी कारोबारियों को राहत दी गई है। काउंसिल ने रिफंड आवेदन की acknowledgement की समय-सीमा 15 दिन से घटाकर 10 दिन करने का फैसला किया है। इसके अलावा करीब 90 फीसदी पात्र रिफंड दावों को सिस्टम आधारित रिस्क असेसमेंट के जरिए तेजी से मंजूर करने की व्यवस्था को आगे बढ़ाया गया है। इसका मकसद कारोबारियों के फंसे वर्किंग कैपिटल को जल्द उपलब्ध कराना है।
GST 2.0:-ITC पर ईमानदार खरीदारों को राहत की तैयारी
Input Tax Credit यानी ITC को लेकर भी बड़ा बदलाव किया गया है। अगर किसी खरीदार के पास सही इनवॉइस है, उसने सामान या सेवा प्राप्त की है और सप्लायर को पूरा भुगतान किया है, तो सिर्फ सप्लायर की गलती के कारण खरीदार का ITC न रुके—इस मुद्दे पर अधिकारियों की कमेटी गठित की गई है। कमेटी तीन महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट देगी और इसके आधार पर आगे GST काउंसिल में फैसला होगा। इसलिए इसे अभी सीधे लागू हो चुका ITC संरक्षण कहना सही नहीं होगा।
GST 2.0:-छोटे कारोबारियों के लिए आसान होगी GST व्यवस्था
काउंसिल ने छोटे कारोबारियों और ई-कॉमर्स विक्रेताओं के लिए GST अनुपालन आसान करने की दिशा में भी कदम उठाए हैं। छोटे ई-कॉमर्स sellers के लिए दूसरे राज्यों में कारोबार से जुड़ी registration प्रक्रिया को आसान बनाने का रास्ता तैयार किया गया है। साथ ही GST registration में कुछ routine बदलावों को automatic approval देने की व्यवस्था को भी मंजूरी दी गई है।
GST 2.0:-जुर्माने के नियमों में भी बदलाव
GST अपराधों में न्यूनतम सजा का प्रावधान हटाने का फैसला किया गया है। अब जुर्माना, जेल या दोनों में से क्या सजा होगी, यह अदालत के विवेक पर निर्भर करेगा। वहीं सामान्य penalty को 25,000 रुपये से घटाकर 10,000 रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा 10,000 रुपये या उससे कम की रकम वाले मामलों में GST notice जारी नहीं करने का फैसला भी किया गया है।
GST 2.0:-GST दरों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं
57वीं GST काउंसिल बैठक में GST की मौजूदा दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया। सरकार ने संकेत दिया है कि आगे GST rate से जुड़े फैसलों के लिए साल में एक समर्पित बैठक की जाएगी। यानी इस बैठक का मुख्य फोकस GST 2.0 के तहत प्रक्रिया और अनुपालन सुधारों पर रहा।
कुल मिलाकर, 57वीं GST काउंसिल बैठक में टैक्स दरों के बजाय GST के रोजमर्रा के संचालन को आसान बनाने पर जोर दिया गया है। गिरफ्तारी की शक्ति हटाने, मुकदमे की सीमा 5 करोड़ रुपये करने, रिफंड प्रक्रिया तेज करने और छोटे कारोबारियों के लिए अनुपालन आसान बनाने जैसे फैसलों का उद्देश्य टैक्स सिस्टम को अधिक सरल और कम विवाद वाला बनाना है। प्रस्तावित बदलावों को 1 अप्रैल 2027 से लागू करने की बात रिपोर्ट की गई है।
