छत्तीसगढ़

Garba Controversy:-गरबा पर गरमाई छत्तीसगढ़ की सियासत: सलीम राज की अपील से मचा बवाल, राजीव लोचन महाराज बोले- ‘दूसरे समाज को शामिल होने की जरूरत नहीं’

Garba Controversy:-रायपुर। नवरात्रि से पहले छत्तीसगढ़ में गरबा और डांडिया आयोजनों को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। इस बार विवाद गरबा के धार्मिक स्वरूप और इनमें गैर-हिंदुओं की भागीदारी को लेकर खड़ा हुआ है। छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज की मुस्लिम समाज के युवाओं से गरबा आयोजनों से दूरी बनाए रखने की अपील के बाद कांग्रेस, बीजेपी और धार्मिक नेताओं की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।

Garba Controversy:-‘गरबा सिर्फ डांस फ्लोर नहीं’, सलीम राज की मुस्लिम युवाओं से अपील

वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने कहा कि गरबा केवल मनोरंजन या डांस का कार्यक्रम नहीं, बल्कि नवरात्रि के दौरान देवी आराधना से जुड़ा धार्मिक आयोजन है। उन्होंने मुस्लिम समाज के युवाओं से ऐसे आयोजनों में शामिल होने से बचने की अपील की।

उनका कहना है कि अगर कोई मुस्लिम व्यक्ति गरबा में शामिल होना चाहता है तो उसे आयोजन समिति की अनुमति लेने के साथ वहां की धार्मिक परंपराओं और मर्यादा का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने गलत नीयत से गरबा स्थलों में प्रवेश को लेकर विवाद और सामाजिक तनाव बढ़ने की आशंका भी जताई।

Garba Controversy:-सलाम रिजवी की भी अलग दलील

वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष सलाम रिजवी ने भी गरबा में जाने को लेकर मुस्लिम समाज को फिलहाल दूरी बनाए रखने की सलाह दी। उनके मुताबिक मौजूदा माहौल में सामाजिक समरसता को लेकर तनाव दिखाई देता है और ऐसे समय में शांति और भाईचारे को प्राथमिकता देना जरूरी है। हालांकि, उन्होंने इसके पीछे अलग तर्क दिया और मौजूदा सामाजिक माहौल को इसका कारण बताया।

Garba Controversy:-कांग्रेस ने सलीम राज के बयान पर उठाए सवाल

कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने सलीम राज के बयान पर आपत्ति जताते हुए इसे राजनीतिक बयानबाजी बताया। कांग्रेस की ओर से कहा गया कि गरबा आयोजनों में मुस्लिम युवाओं की मौजूदगी को लेकर जिस तरह की चर्चा की जा रही है, उसका आधार स्पष्ट किया जाना चाहिए।

कांग्रेस ने सलीम राज के बयान को लेकर बीजेपी पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि धार्मिक आयोजनों को राजनीतिक बहस का विषय बनाया जा रहा है। वहीं बीजेपी ने सलीम राज के बयान का बचाव करते हुए कहा कि गरबा धार्मिक आस्था से जुड़ा आयोजन है और इसमें शामिल होने वालों को उसकी धार्मिक प्रकृति और परंपराओं का सम्मान करना चाहिए।

Garba Controversy:-राजीव लोचन महाराज बोले- ‘गरबा की मर्यादा बनी रहनी चाहिए’

विवाद के बीच दक्षिण कोशल के पीठाधीश्वर राजीव लोचन महाराज की प्रतिक्रिया भी सामने आई। उन्होंने गरबा को धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा से जोड़ते हुए कहा कि इसे मर्यादा और गरिमापूर्ण तरीके से मनाया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि गरबा के नाम पर अगर फूहड़ता या अशोभनीय गतिविधियां होती हैं तो वह गरबा की मूल भावना से अलग है। उन्होंने यह भी कहा कि दूसरे समाज के लोगों को ऐसे आयोजनों में शामिल होने की जरूरत नहीं है और जिन लोगों को इस परंपरा में आस्था है, उन्हें अपने पर्व को उसकी मर्यादा के साथ मनाना चाहिए।

Garba Controversy:-गरबा पर बयानबाजी से बढ़ी सियासी गर्मी

छत्तीसगढ़ में गरबा आयोजनों को लेकर इस पूरे विवाद में एक तरफ धार्मिक परंपरा और आयोजन की मर्यादा का सवाल उठाया जा रहा है, तो दूसरी तरफ इसे सामाजिक सौहार्द और राजनीतिक बयानबाजी से जोड़कर देखा जा रहा है।

फिलहाल अलग-अलग पक्षों के बयानों के बीच गरबा आयोजनों में प्रवेश, आयोजकों के नियम और धार्मिक परंपराओं के सम्मान को लेकर बहस तेज है। ऐसे में नवरात्रि के दौरान होने वाले गरबा कार्यक्रमों में आयोजक किस तरह के प्रवेश नियम लागू करते हैं, इस पर भी नजर रहेगी।

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