राजनीति

Political News:-SIR पर परकला प्रभाकर का बड़ा हमला, बोले- ‘सिर्फ वोटर लिस्ट का मामला नहीं, देश की दिशा का सवाल’

निर्मला सीतारमण के पति ने SIR को ‘सवर्ण हिंदू राष्ट्र’ की दिशा में कदम बताया, EVM पर भी उठाए सवाल; 2024 के जनादेश को बताया ‘चुराया हुआ’

Political News:-विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर राजनीतिक बहस एक बार फिर तेज हो गई है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के पति, अर्थशास्त्री और लेखक परकला प्रभाकर ने SIR और EVM के मुद्दे पर चुनावी प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।

चेन्नई के पेरियार थिडल में ‘मूवमेंट फॉर रिट्रीविंग वोटर राइट्स’ की ओर से आयोजित ‘Ban EVM, Reject SIR’ कार्यक्रम में बोलते हुए प्रभाकर ने कहा कि SIR को सिर्फ चुनावी प्रक्रिया के स्तर पर नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसका विरोध बुनियादी स्तर पर होना चाहिए।

Political News:-‘सवर्ण हिंदू राष्ट्र’ बनाने की कोशिश का लगाया आरोप

परकला प्रभाकर ने आरोप लगाया कि SIR भारत को ‘सवर्ण हिंदू राष्ट्र’ की दिशा में ले जाने की कोशिश का हिस्सा है। उन्होंने दावा किया कि वोटर लिस्ट से हटाए गए लोगों में बड़ी संख्या मुसलमानों, ईसाइयों, दलितों, आदिवासियों और अन्य हाशिए के समुदायों की है।

हालांकि, यह प्रभाकर का दावा है। निर्वाचन आयोग का आधिकारिक पक्ष यह है कि SIR का उद्देश्य पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में सुनिश्चित करना, अपात्र मतदाताओं को हटाना और नाम जोड़ने-हटाने की प्रक्रिया में पारदर्शिता रखना है।

Political News:-EVM पर भी उठाए सवाल

प्रभाकर ने EVM के इस्तेमाल पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि मशीनों से जुड़े कई सवाल अब भी अनुत्तरित हैं। उन्होंने 2024 लोकसभा चुनाव के अपने अध्ययन का हवाला देते हुए दावा किया कि ‘2024 का जनादेश चुराया हुआ था।’

यह भी ध्यान देने वाली बात है कि यह प्रभाकर का आरोप है, स्थापित तथ्य नहीं। निर्वाचन आयोग 2024 लोकसभा चुनाव के आधिकारिक परिणाम और EVM/VVPAT से संबंधित दस्तावेज अपनी वेबसाइट पर उपलब्ध कराता है।

सुप्रीम कोर्ट ने अप्रैल 2024 के फैसले में EVM-VVPAT से जुड़े सवालों पर विचार किया था। अदालत ने मतदाता के इस अधिकार पर जोर दिया कि उसका वोट सही तरीके से दर्ज और गिना गया हो।

Political News:-राजनीतिक दलों से एकजुट होने की अपील

प्रभाकर ने राजनीतिक दलों से SIR के खिलाफ एकजुट होकर मजबूती से आवाज उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए समय कम बचा है और विरोध को केवल चुनावी प्रक्रिया तक सीमित नहीं रखना चाहिए।

इस बीच, SIR को लेकर देश में राजनीतिक और कानूनी बहस जारी है। निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर SIR-2026 के लिए मतदाता नाम खोजने, दस्तावेज जमा करने और अन्य चुनावी सेवाओं की सुविधा भी उपलब्ध है।

यानी SIR पर असली विवाद सिर्फ वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने या हटाने का नहीं, बल्कि इस प्रक्रिया की पारदर्शिता, पात्रता और चुनावी भरोसे को लेकर भी है।

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