Baloda Bazar:-तिरंगे में ‘चक्र’ गायब, स्वतंत्रता दिवस पर गुर्रा पंचायत में बवाल; सरपंच को नोटिस, 3 दिन में जवाब नहीं तो कुर्सी पर संकट
Baloda Bazar:-बलौदाबाजार-भाटापारा। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर बलौदाबाजार-भाटापारा जिले की भाटापारा जनपद पंचायत क्षेत्र की ग्राम पंचायत गुर्रा में तिरंगे को लेकर विवाद खड़ा हो गया। आरोप है कि 15 अगस्त को पंचायत भवन सहित अन्य स्थानों पर अशोक चक्र के बिना राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। मामला सामने आने के बाद जनपद पंचायत भाटापारा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) ने ग्राम पंचायत गुर्रा की सरपंच गंगा ध्रुव को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
नोटिस में सरपंच से तीन दिवस के भीतर स्वयं उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। प्रशासन ने जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने की स्थिति में छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम, 1993 की धारा 40 के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी है।
Baloda Bazar:-तिरंगे के निर्धारित स्वरूप पर उठे सवाल
प्रशासन की ओर से जारी नोटिस के मुताबिक, 15 अगस्त 2026 को भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ग्राम पंचायत गुर्रा में ध्वजारोहण किया गया था। आरोप है कि इस दौरान फहराए गए राष्ट्रीय ध्वज में अशोक चक्र नहीं था।

भारतीय झंडा संहिता के अनुसार राष्ट्रीय ध्वज तीन समान चौड़ाई वाली पट्टियों वाला तिरंगा होता है। बीच की सफेद पट्टी के केंद्र में नेवी ब्लू रंग का 24 तीलियों वाला अशोक चक्र होना निर्धारित है। ध्वज का लंबाई-चौड़ाई अनुपात 3:2 रखा गया है।
यानी बिना अशोक चक्र वाला कपड़ा निर्धारित स्वरूप के राष्ट्रीय ध्वज के अनुरूप नहीं माना जाता। इसी आधार पर प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सरपंच से जवाब मांगा है।
Baloda Bazar:-नोटिस में राष्ट्रीय गौरव कानून का भी उल्लेख
CEO की ओर से जारी नोटिस में राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 की धारा 2 का भी उल्लेख किया गया है। इस प्रावधान के तहत सार्वजनिक स्थान पर राष्ट्रीय ध्वज के प्रति अपमान या अनादर से संबंधित कृत्य दंडनीय हैं। कानून में दोष सिद्ध होने पर तीन वर्ष तक की सजा, जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।
हालांकि, यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि नोटिस जारी होना किसी व्यक्ति के खिलाफ अपराध या दोष सिद्ध होने के बराबर नहीं है। फिलहाल प्रशासन ने आरोपों पर स्पष्टीकरण मांगा है और आगे की कार्रवाई जवाब तथा जांच के आधार पर तय होगी।

Baloda Bazar:-जवाब नहीं दिया तो पद पर आ सकता है संकट
नोटिस में सरपंच गंगा ध्रुव को निर्धारित अवधि के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया गया है। यदि तय समय में स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किया जाता या जवाब संतोषजनक नहीं पाया जाता है, तो नोटिस के अनुसार छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम, 1993 की धारा 40 के तहत पद से हटाने की कार्रवाई की जा सकती है।
धारा 40 के तहत पंचायत पदाधिकारी के खिलाफ हटाने की कार्रवाई का प्रावधान मौजूद है और छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के फैसलों में भी इस धारा के तहत सरपंच को पद से हटाए जाने की कार्रवाई का उल्लेख मिलता है।
Baloda Bazar:-अब सरपंच के जवाब पर टिकी नजर
स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर राष्ट्रीय ध्वज के निर्धारित स्वरूप को लेकर उठे इस मामले ने स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज कर दी है। फिलहाल प्रशासन की ओर से नोटिस जारी किया गया है। अब सरपंच की ओर से दिए जाने वाले स्पष्टीकरण के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।
