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Chhattisgarh Politics:-छत्तीसगढ़ BJP में नई जिम्मेदारी की सुगबुगाहट! किरण देव के स्वास्थ्य के बीच कार्यकारी अध्यक्ष पर मंथन, इन नामों की चर्चा तेज

Chhattisgarh Politics:-रायपुर। छत्तीसगढ़ भाजपा में एक बार फिर संगठनात्मक बदलाव को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव के सड़क हादसे में घायल होने और लंबे उपचार की जरूरत के बीच पार्टी के भीतर संगठन के रोजमर्रा के कामकाज को लेकर नई व्यवस्था की अटकलें लगाई जा रही हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि भाजपा आलाकमान प्रदेश संगठन को गति देने के लिए कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी किसी वरिष्ठ नेता को सौंपने के विकल्प पर विचार कर सकता है।

हालांकि, कार्यकारी अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर भाजपा की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है। इसलिए जिन नेताओं के नाम चर्चा में हैं, उन्हें संभावित दावेदार के तौर पर ही देखा जा रहा है।

Chhattisgarh Politics:-हादसे के बाद दिल्ली में चल रहा इलाज

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव 29 जुलाई को उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले के तालबेहट क्षेत्र में सड़क हादसे में घायल हुए थे। रिपोर्टों के मुताबिक उनकी कार की ट्रक से टक्कर हुई थी। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें झांसी ले जाया गया और बाद में बेहतर इलाज के लिए एयर एंबुलेंस से दिल्ली-एनसीआर स्थित मेदांता अस्पताल भेजा गया। उनकी रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर की जानकारी भी सामने आई थी।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी मेदांता अस्पताल पहुंचकर किरण सिंह देव से मुलाकात की थी और चिकित्सकों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली थी।

ऐसे में प्रदेश भाजपा के सामने संगठनात्मक गतिविधियों को लगातार सक्रिय रखने की चुनौती है। इसी वजह से कार्यकारी अध्यक्ष की संभावित नियुक्ति को लेकर चर्चाओं ने जोर पकड़ा है।

Chhattisgarh Politics:-संतोष पांडेय का नाम सबसे आगे?

संभावित नामों की चर्चा में राजनांदगांव सांसद संतोष पांडेय का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है। संतोष पांडेय संगठन में लंबे समय तक सक्रिय रहे हैं और पहले प्रदेश महामंत्री समेत कई संगठनात्मक जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। 2026 में भाजपा की राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यशाला के लिए छत्तीसगढ़ से भेजे गए प्रतिनिधिमंडल में भी उनका नाम प्रमुख नेताओं में शामिल था।

सांसद होने के साथ-साथ संगठनात्मक अनुभव और केंद्रीय नेतृत्व के साथ संपर्क को उनके पक्ष में देखा जा रहा है। हालांकि, अभी तक पार्टी की ओर से उनके नाम को लेकर कोई आधिकारिक संकेत नहीं दिया गया है।

Chhattisgarh Politics:-शिवरतन शर्मा भी संभावित चेहरों में

दूसरा नाम पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा का भी चर्चा में है। शर्मा लंबे समय से भाजपा संगठन और चुनावी गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं। पार्टी के 2026 के राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल में भी उनका नाम था।

उनकी जमीनी संगठनात्मक पकड़ और कार्यकर्ताओं के बीच सक्रियता को देखते हुए उन्हें भी संभावित विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है।

Chhattisgarh Politics:-रूपकुमारी चौधरी का नाम अब क्यों बाहर?

पहले संभावित नामों में महासमुंद सांसद रूपकुमारी चौधरी का नाम भी चर्चा में था। लेकिन अब उनकी स्थिति बदल चुकी है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक भाजपा ने उन्हें राष्ट्रीय महिला मोर्चा की अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी है। ऐसे में प्रदेश संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष पद के लिए उनके नाम की संभावना फिलहाल कमजोर मानी जा रही है।

Chhattisgarh Politics:-क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरण भी होंगे अहम

किरण सिंह देव बस्तर क्षेत्र से आते हैं। ऐसे में यदि पार्टी किसी मैदानी क्षेत्र के वरिष्ठ नेता को कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी देती है तो संगठन में क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश के तौर पर इसे देखा जा सकता है।

वहीं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आदिवासी समुदाय से आते हैं और किरण सिंह देव सामान्य वर्ग से हैं। ऐसे में नए संगठनात्मक चेहरे का चयन करते समय भाजपा को क्षेत्रीय, सामाजिक और संगठनात्मक समीकरणों का भी ध्यान रखना होगा।

हालांकि यह पूरी तरह पार्टी हाईकमान का फैसला होगा और फिलहाल किसी नाम को तय मानना जल्दबाजी होगी।

Chhattisgarh Politics:-नितिन नबीन के बाद प्रदेश प्रभारी का पद भी अहम

छत्तीसगढ़ भाजपा में सिर्फ प्रदेश अध्यक्ष के स्तर पर ही नहीं, बल्कि प्रदेश प्रभारी के पद को लेकर भी बदलाव जरूरी हो गया है।

नितिन नबीन को दिसंबर 2025 में भाजपा का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था और जनवरी 2026 में वे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए। इससे पहले वे छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रभारी रह चुके थे। उनके कार्यकाल में 2023 के विधानसभा और 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने प्रदेश में मजबूत प्रदर्शन किया था।

अब राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में नितिन नबीन की जिम्मेदारी बढ़ने के बाद छत्तीसगढ़ के संगठन के लिए नए प्रदेश प्रभारी की नियुक्ति भी महत्वपूर्ण हो गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में प्रदेश संगठन को लेकर एक से अधिक बड़े फैसले देखने को मिल सकते हैं।

Chhattisgarh Politics:-क्या किरण सिंह देव की भूमिका बदलेगी?

इसी बीच भाजपा के राजनीतिक गलियारों में किरण सिंह देव की भविष्य की भूमिका को लेकर भी अटकलें हैं। उनके स्वस्थ होने के बाद उन्हें सरकार में शामिल किए जाने या संगठन में ही महत्वपूर्ण जिम्मेदारी बनाए रखने जैसी चर्चाएं चल रही हैं।

हालांकि मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की चर्चा की भी अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है। इसलिए फिलहाल इसे राजनीतिक कयास के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

कुल मिलाकर छत्तीसगढ़ भाजपा में फिलहाल तीन सवाल सबसे अहम बने हुए हैं—कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष कौन होगा, नया प्रदेश प्रभारी किसे बनाया जाएगा और किरण सिंह देव के स्वस्थ होने के बाद उनकी भूमिका क्या होगी? इन सवालों पर अंतिम फैसला भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व ही करेगा।

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